बंगाल की खाड़ी में गैस निदेशालय का 'खजाना' अभियान, 1.6 लाख किलोमीटर क्षेत्र में सबसे बड़ा तेल-गैस सर्वे
भारत समुद्र के अंदर तेल और गैस खोजने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने वाला है। हाल के सालों में यह देश के सबसे बड़े अभियानों में से एक होगा, जिसका मुख्य फोकस बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के इलाकों पर रहेगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस निदेशालय (DGH) ने कंपनियों को न्योता भेजा है ताकि वे समुद्र के नीचे के विशाल इलाकों का नक्शा बनाने में मदद करें। इसका मुख्य मकसद नए ईंधन स्रोतों की खोज करना है।
1.61 लाख किलोमीटर लंबी लाइनों का सर्वे होगा
यह सर्वे करीब 2 साल तक चलेगा और इसमें 1.61 लाख किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। इसमें बंगाल आफशोर बेसिन (जो बहुत मोटी तलछटी परतों वाला है), महानदी, कृष्णा-गोदावरी, कावेरी और अंडमान बेसिन जैसे क्षेत्रों को परखा जाएगा। खासकर, अंडमान क्षेत्र काफी दिलचस्प है क्योंकि यह म्यांमार और इंडोनेशिया के बड़े गैस-उत्पादक इलाकों जैसा है। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो भारत को आयातित ऊर्जा पर अपनी निर्भरता कम करने और अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में काफी सहायता मिलेगी।