DGCA ने उड़ान के दौरान पावर बैंक के इस्तेमाल पर लगाया प्रतिबंध, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने उड़ानों के दौरान फोन या अन्य उपकरणों को चार्ज करने के लिए पावर बैंक के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह बदलाव वैश्विक स्तर पर लिथियम बैटरी के अत्यधिक गर्म होने या आग लगने की कई घटनाओं के बाद उठाया गया है। इसमें सीट पर लगे पावर आउटलेट के माध्यम से चार्जिंग भी शामिल है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
निर्देश
क्या किया है नियमों में बदलाव?
NDTV के अनुसार, पिछले साल नवंबर में जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि पावर बैंक को लेकर एयरलाइंस को केबिन में घोषणाएं प्रसारित करनी चाहिए। अब पावर बैंक और बैटरी केवल हैंड लगेज में ले जाने की अनुमति है, ओवरहेड बिन में नहीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यात्रियों को एयरलाइन द्वारा प्रदान किए गए सीट पावर सप्लाई सिस्टम में पावर बैंक लगाकर चार्ज करने की भी मनाही है।
हिदायत
यात्रियों को चालक दल को तत्काल देनी होंगे ये सूचना
यात्रियों को किसी उपकरण के गर्म होने, धुआं निकलने लगे या कोई असामान्य गंध आने पर तुरंत चालक दल को इसकी सूचना देने को कहा गया है। इसके अलावा शॉर्ट-सर्किट से बचाव के उपायों का पालन करने को कहा गया है, जिसमें बैटरियों को प्लास्टिक बैग में रखना, टर्मिनलों को टेप या कवर करना या सुरक्षात्मक कवर का उपयोग करना जैसे उपाय शामिल हैं। बैटरी संबंधित सुरक्षा समस्या या घटना की सूचना DGCA को देने के निर्देश दिए हैं।