झारखंड में छात्र 'परीक्षा क्रांति' पर अडिग, कोर्ट का आदेश भी नहीं रोक पाया
झारखंड के छात्र अपनी निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं की मांग पर अब भी डटे हुए हैं, भले ही हाई कोर्ट ने सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी हो जिसमें 11वीं से 13वीं राज्य सिविल सेवा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों के लिए होने वाली परीक्षाओं को रद्द किया गया था।
प्रदर्शन के नेता देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोप और परीक्षाओं में गड़बड़ी जैसे असली मुद्दे अभी तक सुलझे नहीं हैं।
झारखंड सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कीं
कथित अनियमितताओं के विरोध में पहले से ही 26 दिनों से प्रदर्शन चल रहे थे। तभी सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं और 23 अन्य की जांच के आदेश दिए। इस फैसले ने प्रदर्शनों को और तेज कर दिया, जिसके बाद हफ्तों तक छात्रों ने आंदोलन किया।
हालांकि, सरकार की तरफ से कुछ छोटे-मोटे वादे किए गए हैं, फिर भी छात्र 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने जैसे नए कदम उठाएंगे, ताकि सरकार पर बदलाव के लिए दबाव बनाया जा सके। अदालत ने भले ही सरकार को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है, लेकिन फिलहाल, छात्रों की निष्पक्ष व्यवस्था के लिए यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।