दिल्ली का मास्टरप्लान 2047: 1,459 विरासतें होंगी पुनर्जीवित, जानिए कैसे
दिल्ली का नया मास्टर प्लान 2047, शहर के 1,459 विरासत स्थलों को बचाने की दिशा में एक अहम पहल है। इनमें यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल से लेकर पुरानी गलियां और मोहल्ले तक शामिल हैं। इस प्लान का मुख्य उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों को उपेक्षा और अवैज्ञानिक मरम्मत से बचाना है। यह प्लान इन स्थलों की नियमित निगरानी और बेहतर संरक्षण का सुझाव देता है, ताकि ये ऐतिहासिक इमारतें लंबे समय तक अपनी पहचान बनाए रख सकें।
मास्टरप्लान 2047 में विरासत प्रकोष्ठ और अनुकूली पुनरुपयोग का प्रस्ताव
मास्टरप्लान 2047 के तहत स्थानीय निकायों को विरासत प्रकोष्ठ बनाने का सुझाव दिया गया है। ये प्रकोष्ठ इन स्थलों के प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन और मरम्मत के लिए पैसा जुटाने जैसे सभी कामों को संभालेंगे। वॉलड सिटी, चांदनी चौक और लुटियंस बंगलो जोन जैसे खास इलाकों को 'विरासत क्षेत्र' घोषित किया जाएगा, जिन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह प्लान पुरानी इमारतों को 'अनुकूली पुनरुपयोग' के जरिए नया जीवन देने को भी बढ़ावा देता है। इसका मतलब है कि उनके मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए आधुनिक जरूरतों के हिसाब से उनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।