दिल्ली दंगा 2020: IB अधिकारी की हत्या में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार
क्या है खबर?
दिल्ली में 2020 में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 4 अन्य को दोषी ठहराया गया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने घटना के 6 साल से अधिक समय बाद सोमवार को फैसला सुनाते हुए 6 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोपों से बरी किया है।
फैसला
फूट-फूटकर रो पड़े ताहिर
ताहिर हुसैन को हत्या, विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, दंगा करने और किसी व्यक्ति को अपमानित करने के लिए हमला या आपराधिक बल के प्रयोग का आरोप लगाया गया है।
हुसैन के साथ-साथ कोर्ट ने नाजिम, काजिम, जावेद और अनस को भी दोषी ठहराया। उन्हें दंगा संबंधी धाराओं के तहत दोषी पाया गया है। मामले में कुल 11 आरोपी थे।
फैसला सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन फूट-फूटकर रो पड़े।
फैसला
क्या है अंकित शर्मा की मौत का मामला?
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के दौरान अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बाद में उनका शव पास के एक नाले से बरामद किया गया, जिससे पूरे देश में व्यापक आक्रोश फैल गया।
शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था, जिसमें ताहिर हुसैन समेत 11 अन्य आरोपियों को नामजद किया गया था।
कोर्ट ने अभी ताहिर की सजा पर कोई फैसला नहीं दिया है।
घटना
NRC और CAA के खिलाफ हुआ था दंगा
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में में 23 से 26 फरवरी के बीच नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ धरना-प्रदर्शन चल रहा था।
तभी अचानक उपद्रव शुरू हो गया, जो बाद में व्यापक सांप्रदायिक झड़पों, आगजनी, पत्थरबाजी और गोलीबारी में तब्दील हो गया।
दंगे में 53 लोग मारे गए और 500 से अधिक लोग घायल हुए। इसमें कई घर, दुकानें, स्कूल और पूजा स्थल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए।
मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।