CJP के 'संसद मार्च' को लेकर दिल्ली पुलिस ने की घेराबंदी, जानिए क्या-क्या कदम उठाए
क्या है खबर?
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारी राजनीतिक सरगर्मी और सुरक्षा तैनाती का माहौल है। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार (20 जुलाई) को 'संसद मार्च' आह्वान किया है। इसे रोकने के लिए पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने बेहद कड़ा रणनीतिक प्लान तैयार किया है। इससे दिल्ली में बड़े पैमाने पर हंगामे और टकराव की आशंका बढ़ गई है।
बयान
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी है 'संसद मार्च' की अनुमति
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने कहा कि मार्च के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं मांगी गई और न ही पुलिस ने इसकी मंजूरी दी है। ऐसे में नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
उन्होंने कहा कि 5 या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, किसी तरह के जुलूस या रैली निकालने और प्रदर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
तैनाती
दिल्ली में 5,000 जवान और अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियां तैनात
पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक जैसे प्रमुख चौराहों को जोड़ने वाले रास्तों को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया है।
इसके लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 5,000 जवान सुबह 4 बजे से ही तैनात हैं।
अभेद्य सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 25 से अधिक अतिरिक्त बटालियन भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं।
दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है।
विभाजन
पूरी नई दिल्ली 15 सुरक्षा जोन में विभाजित
रणनीतिक बदलाव करते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र को 15 विशेष सुरक्षा जोन में बांट दिया है। हर जोन की कमान सीधे विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और उपायुक्तों को सौंपी गई है।
संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे पैट्रोलिंग की जा रही है और CCTV सर्विलांस को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
इसके साथ ही रिजर्व पुलिस बलों और रैपिड रिस्पांस टीमों (RRT) को किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।
उपाय
'वज्र' दंगा-रोधी वाहन और मेट्रो स्टेशनों पर नजर
सुरक्षा बलों ने संवेदनशील चौराहों पर पानी की बौछारों के साथ-साथ विशेष 'वज्र' दंगा-रोधी वाहन तैनात किए हैं।
नई दिल्ली जिले के सभी मेट्रो स्टेशनों को कड़ी निगरानी में रखा गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।
पुलिस ने साफ किया है कि निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर BNS की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दावा
CJP ने मार्च को बताया मौलिक अधिकार
CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।
उनका आरोप है कि सरकार इस बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश कर रही है। CJP के संयोजकों का स्पष्ट रुख है कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण मार्च निकालना उनका मौलिक अधिकार है और पुलिसिया पाबंदियां उनकी आवाज को नहीं दबा सकतीं। वह अपना मार्च निकाल कर ही रहेंगे।
शर्त
वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी 3 शर्तें
इधर, शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 3 शर्तों पर अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है।
उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक की जिम्मेदारी लेने, CJP नेताओं के संसद पहुंचने पर विभिन्न पार्टियों नेताओं के मामले को संसद में उठाने का भरोसा देने और अस्पताल में आकर उनकी शर्तों पर भरोसा दिलाने पर वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।