दिल्ली जिमखाना क्लब को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्यों को बताया है कि फिलहाल उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्लब को जबरन हटाने की आशंकाओं को अदालत ने समय से पहले का करार दिया है। कोर्ट ने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर कभी ऐसा कुछ होता भी है, तो पूरी कानूनी प्रक्रिया और सही नोटिस के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।
दरअसल, इस मामले की शुरुआत तब हुई जब केंद्र सरकार ने क्लब को लुटियंस दिल्ली में स्थित अपनी 27.3 एकड़ जमीन 5 जून तक खाली करने का निर्देश दिया। सरकार ने तर्क दिया था कि उसे यह जगह रक्षा ढांचे को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए चाहिए।
दिल्ली जिमखाना क्लब ने 1928 के लीज का हवाला दिया
क्लब का लीज एग्रीमेंट 1928 का है। हालांकि, अब वकील इस बात पर बहस कर रहे हैं कि सरकार की तरफ से दिया गया बेदखली का कारण वैध है या संवैधानिक रूप से सही भी है। क्लब लगातार यह दावा कर रहा है कि उसने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। यही वजह है कि क्लब के सदस्य अभी भी 22 मई को मिले बेदखली नोटिस का विरोध कर रहे हैं। क्लब को यह परिसर 5 जून तक सरकार को सौंपना होगा।