दिल्ली हाई कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी की अपील पर NIA से मांगा जवाब
क्या है खबर?
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रतिबंधित महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (DEM) की संस्थापक कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उनकी 2 सहयोगियों की याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जवाब मांगा है। अंद्राबी और उनके सहयोगियों ने यह याचिका आतंकी गतिविधियों के मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराने और सजा सुनाए जाने के खिलाफ दायर की थी। अब हाई कोर्ट ने जांच एजेंसी NIA को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
नोटिस
हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की पीठ ने सोमवार को NIA को नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने NIA की ओर से पेश हुए वकील अक्षय मलिक को निर्देश दिया है कि वे अंद्राबी और उनकी दो सहयोगियों द्वारा दायर सजा निलंबन की याचिका पर अपना औपचारिक जवाब दाखिल करें।
इससे पहले NIA के वकील ने अंद्राबी और उनकी सहयोगियों को किसी तरह की राहत न दिए जाने की अपील की थी।
दलील
NIA ने वकील ने क्या दी दलील?
सुनवाई के दौरान NIA के वकील ने कहा कि अंद्राबी और उनकी सहयोगियों द्वारा दायर की गई यह याचिका NIA अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी समय सीमा के बीत जाने के बाद दाखिल की गई है, इसलिए यह विचारणीय नहीं होनी चाहिए।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है।
तीनों महिलाओं ने निचली अदालत के 14 जनवरी और 24 मार्च के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था।
सजा
निचली अदालत का फैसला और सजा
यह पूरी अपील ट्रायल कोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों के खिलाफ दायर की गई है।
इसी साल 14 जनवरी को ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।
इसके बाद 24 मार्च को कोर्ट ने अंद्राबी को आजीवन कारावास और उनकी 2 सहयोगियों को 30-30 साल की जेल की सजा सुनाई थी।