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दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण योजना: दोगुना होगा पार्किंग शुल्क, 50 प्रतिशत कर्मचारी करेंगे WFH
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए जारी की शीतकालीन प्रदूषण योजना

दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण योजना: दोगुना होगा पार्किंग शुल्क, 50 प्रतिशत कर्मचारी करेंगे WFH

Sep 28, 2026
02:52 pm

क्या है खबर?

दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में हवा को जहरीली होने से बचाने के लिए 3 महीने पहले ही अपनी 'शीतकालीन प्रदूषण योजना' जारी कर दी है। वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने पार्किंग शुल्क को दोगुना करने, वाहनों की संख्या कम करने, कार्यालय समय में बदलाव और निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। प्रदूषण नियंत्रण के नए नियम 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी होकर 28 फरवरी, 2027 तक लागू रहेंगे।

योजना

सरकार की 'शीतकालीन प्रदूषण योजना' में क्या है?

सरकार की 'शीतकालीन प्रदूषण योजना' में निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए आगमी 1 नवंबर से दिल्ली में पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का फैसला किया गया है।

इसी तरह दिल्ली के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने कर्मचारियों की संख्या में 50 प्रतिशत की कटौती करनी होगी। यानी 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम (WFH) करेंगे।

इस अवधि में धूल उड़ाने वाली किसी भी प्रकार की निर्माण और विध्वंस गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

समय

कार्यालय समय में भी होगा बदलाव

'शीतकालीन प्रदूषण योजना' के तहत सड़कों पर गाड़ियों के दबाव और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए दफ्तरों का समय बदलने का प्रस्ताव दिया गया है।

इसके तहत दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेंगे।

दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। इसी तरह आवश्यकता होने पर स्कूलों के संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

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योजना

मेट्रो और बसों के फेरे बढ़ाने की योजना

सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर प्रति सप्ताह 40 से अधिक अतिरिक्त फेरे चलाने का निर्णय किया है।

व्यस्त समय में ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को स्टेशनों पर भीड़ का सामना न करना पड़े और वे अपनी गाड़ियां घर पर छोड़ें।

इसी तरह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों के बेड़े को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

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नियम

निजी कंपनियों के लिए 50 प्रतिशत WFH के नियम

सरकार ने साफ किया है कि 1 नवंबर से 28 फरवरी, 2027 तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत दिल्ली की सीमा में आने वाले सभी निजी और कॉर्पोरेट कार्यालयों को अपने कुल कर्मचारियों में से अधिकतम 50 प्रतिशत को ही कार्यालय बुलाने की अनुमति होगी। शेष 50 प्रतिशत कर्मचारियों WFH करेंगे।

हालांकि, अस्पताल, स्वास्थ्य क्षेत्र, फायर ब्रिगेड, बिजली-पानी और आपदा प्रबंधन से जुड़े निजी संस्थानों को नियम से छूट रहेगी।

कारण

क्यों समय से पहले उठाए गए यह कदम?

आमतौर पर दिल्ली में अक्टूबर और नवंबर के महीनों में पड़ोसी राज्यों (पंजाब और हरियाणा) में पराली जलाए जाने, औद्योगिक धुएं और स्थानीय धूल के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है।

सरकार ने पूर्व के अनुभवों जैसे 'ऑड-इवन पॉलिसी' के साथ-साथ इस बार अग्रिम तौर पर इन कड़े नियमों को लागू करने का फैसला किया है ताकि इस साल प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।

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