दिल्ली में SIR के बाद 1.45 करोड़ मतदाताओं में 47.7 लाख नाम कटे, जानिए क्या करें
क्या है खबर?
दिल्ली में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सोमवार को मसौदा सूची जारी कर दी है, जिसमें शहर के 1.45 करोड़ मतदाताओं में 47.7 लाख नाम बाहर कर दिए गए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि मसौदा सूची पर दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और नोटिस जारी करने और निपटान की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक जारी रहेगी। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
सूची
दिल्ली में 97.51 लाख मतदाताओं के फॉर्म एकत्र किए गए
दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1.47 करोड़ है, लेकिन 30 जून से 17 अगस्त तक चले SIR अभ्यास के दौरान 97.51 लाख मतदाताओं के फॉर्म एकत्र किए गए थे, जो कुल मतदाताओं का 67 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शेष 47.58 लाख मतदाता में कई अनुपस्थित पाए गए, कुछ स्थानांतरित हो गए, उनकी मृत्यु हो गई या दो नाम होने की वजह से हटा दिए गए हैं।
राजधानी में प्रत्येक 3 मतदाताओं में एक का नाम हट सकता है।
गणना
अगर आपका नाम मसौदा सूची में नहीं है तो क्या करें?
सबसे पहले चुना आयोग की वेबसाइट https://electoralsearch.eci.gov.in पर जाकर मसौदा सूची में अपना नाम देखें।
अगर आपका नाम सूची में नहीं है तो आप फॉर्म 6 का उपयोग करके अपना नाम शामिल करवाने का दावा कर सकते हैं। इसमें चुनाव अधिकारियों द्वारा मांगे गए दस्तावेज लगाने होंगे।
चुनाव आयोग ने 30 सितंबर तक सहायक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने की छूट दी है।
दावा
उत्तर पश्चिम दिल्ली में ज्यादा जागरूक दिखे लोग?
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटलीकरण की दर में मतदाताओं की दिलचस्पी भी अलग-अलग दिखी।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी जिले में 83.43 प्रतिशत लोगों के फॉर्म डिजिटलीकरण हुए, जबकि दक्षिण-पूर्व दिल्ली के तुगलकाबाद में यह सबसे कम 52.15 प्रतिशत रही।
बताया जा रहा है कि संशोधित मतदाता सूची तैयार करने के लिए घर-घर जाकर मतदाता गणना की गई थी, जो छूट गए हैं, वे अब दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया से अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
दस्तावेज
क्या दस्तावेज लगेंगे?
अगर किसी मतदाता का जन्म 1 जुलाई, 1987 से पहले का है, तो उसे जन्मतिथि या जन्मस्थान प्रमाणित करने वाला दस्तावेज देना पड़ सकता है।
1 जुलाई, 1987 से 2 दिसंबर, 2004 के बीच जन्म पर मतदाता और उनके एक अभिभावक से संबंधित दस्तावेज लग सकते हैं।
अगर 2 दिसंबर, 2004 के बाद जन्म है तो मतदाता और उनके दोनों अभिभावकों से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
पात्रता के अतिरिक्त सत्यापन में केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा।