बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात 'अर्नब', IMD की आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए चेतावनी
क्या है खबर?
भारत के पूर्वी तटीय इलाकों पर एक बड़े चक्रवाती संकट का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात का रेड अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान 'अर्नब' में तब्दील हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों में इस तूफान का तेजी से मजबूत होना पूर्वी तटरेखा के लिए एक गंभीर खतरा है।
स्थिति
चक्रवात 'अर्नब' मौजूदा स्थिति क्या है?
IMD की ओर से सोमवार सुबह 5:30 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था।
यह वर्तमान में ओडिशा के गोपालपुर तटीय क्षेत्र से लगभग 610 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और काकीनाड़ा से 730 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
यह तूफान पिछले 6 घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए चक्रवात में तब्दील हो गया।
तूफान
कब और कहां टकराएगा तूफान?
IMD के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले आंध्र प्रदेश और यानम तटों के बीच बापटला से विशाखापट्टनम से टकराने की संभावना है।
उस दौरान हवा की रफ्तार 115-125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी और बाद में बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
IMD के अनुसार, 26 अक्टूबर की आधी रात तक यह 'गंभीर चक्रवाती तूफान' बनेगा और 27 अक्टूबर को 'बेहद गंभीर' में तब्दील हो जाएगा।
तैयारी
प्रशासन की तैयारियां और दिशानिर्देश
रेड अलर्ट जारी होने के बाद स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को मुस्तैद कर दिया गया है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और तटीय गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया गया है।
निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है, क्योंकि तेज हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सुरक्षा
स्कूल और कॉलेज किए बंद
चक्रवात 'अर्नब' को देखते हुए एहतियात के तौर पर ओडिशा के 5 दक्षिणी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों और अन्य प्रमुख अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
ओडिशा सरकार ने संवेदनशील जिलों में हालात की निगरानी के लिए मंत्रियों को मैदान में उतारा है और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी खुद स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।