अब CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह पर चलेगा मुकदमा, क्या है मामला?
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह एक नई मुसीबत में फंस गई हैं। सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी को लेकर उन पर क्रिमिनल कंटेम्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई शुरू होगी। दिल्ली सरकार के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल (ASC) अमोल सिन्हा ने कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी है। सिंह पर साकेत कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की आलोचना करने का आरोप है। अब दिल्ली हाई कोर्ट तय करेगा कि आरोप कंटेम्प्ट के दायरे में आते हैं या नहीं।
कार्रवाई
सिंह के खिलाफ कार्रवाई की हुई थी मांग
वकील कौशिक चटर्जी ने 14 अक्टूबर को एक रिप्रेजेंटेशन और 28 अक्टूबर को एक सप्लीमेंट्री रिप्रेजेंटेशन के जरिए सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
चटर्जी को 2 नवंबर को भेजे अपने जवाब में सिन्हा ने कहा कि ये पोस्ट पहली नजर में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971 के सेक्शन 2(c)(i) के तहत आते हैं।
सिन्हा ने कहा कि पोस्ट से ऐसा लगता है कि मजिस्ट्रेट किसी बाहरी अथॉरिटी के निर्देश पर काम कर रहे थे।
मामला
सिंह ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा था?
सिंह ने दक्षिण-पूर्वी जिला कोर्ट में अर्जी देकर उन पुलिसवालों के खिलाफ FIR की मांग की थी, जिन्होंने 10 अक्टूबर को उन्हें चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर हिरासत में लिया था।
उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव पांडे से हिरासत से रिहाई मांगी थी, जिसे मना कर दिया गया।
इसके बाद सिंह ने एक्स पर लिखा, "जज मालिक की सेवा कर रहे हैं। पूरी सुनवाई के दौरान 4 बार ब्रेक लिए गए। बिना किसी कानूनी आदेश के।"