देहरादून में युवक की हत्या के बाद भड़की हिंसा; आरोपी के घर को फूंका, इंटरनेट बंद
क्या है खबर?
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों को गिराने की मांग को लेकर भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में पत्थराव कर दिया है। आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया गया है। जगह-जगह आगजनी की खबर है। हिंसा फैलती देख पुलिस ने इंटरनेट बंद कर दिया है और 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
घटनाक्रम
आरोपियों के घर पर चला बुलडोजर
ये पूरी हिंसा देहरादून के विकासनगर के सहसपुर थाना क्षेत्र में हो रही है। आरोपियों के घर में आग लगा दी गई है और पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। प्रशासन ने अगले आदेश तक इंटरनेट बंद कर दिया है और कई थानों की पुलिस और PAC को तैनात किया गया है। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में भी हिंसा की खबरें हैं। वहीं, आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई हुई है।
शुरुआत
पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक विनोद कश्यप और आरोपी परिवार के बीच खेत में पानी लगाने और पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले भी 14,000 रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत हुई थी। शनिवार शाम को ट्यूबवेल से पानी डालने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद विनोद के परिवार पर हमला हो गया। इसमें विनोद की मौत हो गई, जबकि परिवार के 2 अन्य सदस्य घायल हो गए।
ट्विटर पोस्ट
हत्या के बाद कई जगहों पर आगजनी
#WATCH | Dehradun, Uttarakhand: A communal violence incident erupted late yesterday evening in Bairagiwala village under the Sahaspur police station area of Dehradun district over a dispute related to water. Police have registered a case against three named accused and 25… pic.twitter.com/LkCrAS2SB1
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 14, 2026
पुलिस
पुलिस बोली- 13 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज
SP क्राइम जितेंद्र चौधरी ने कहा, "मामले में 13 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 3-4 पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है।" स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह ने कहा, "हत्या और हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
बयान
मृतक के पिता ने की ये मांग
मृतक के पिता भगवत ने कहा, "मैं वहां नहीं था। असल में उस समय कोई लड़ाई नहीं हुई थी। पैसे को लेकर बातचीत एक दिन पहले हुई थी। लड़के के पास 14,000 रुपये थे। उसने कल ही पैसे मांगे होंगे। जब उसने आज पैसे दिए, तो उसकी हत्या कर दी गई। वहां भीड़ जमा हो गई थी। इम्तियाज ने झगड़ा भड़काया। अगर पुलिस इम्तियाज और रजाक का एनकाउंटर नहीं करती है, तो हम शव यहां से नहीं ले जाने देंगे।"