कर्नाटक में 70 साल बाद चीतों का आगमन, दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 4 चीते
सात दशक बाद, आखिरकार चीते कर्नाटक वापस लौट आए हैं। शनिवार को 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत दक्षिण अफ्रीका से चार चीते यहाँ पहुंचे हैं। 2022 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मकसद इन चीतों को भारत में वापस लाना है। इसकी शुरुआत 2022 में कुनो नेशनल पार्क से हुई थी, जहाँ नामीबिया से आठ चीते लाए गए थे। अब इसका लक्ष्य पूरे देश में वन्यजीव विविधता को फिर से बहाल करना है।
क्वारंटीन के बाद बन्नेरघट्टा में चीतों का आगमन
30 दिन के क्वारंटीन के बाद, इन चीतों को बेंगलुरु के पास बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क ले जाया जाएगा। यहाँ उनकी खास देखभाल की जाएगी और खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर बी. खांडरे ने बताया कि इस दौरान उनकी सेहत पर कड़ी नजर रखी जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वे नए माहौल में अच्छी तरह ढल सकें। यह कदम सिर्फ वन्यजीव संरक्षण के लिए नहीं है, बल्कि इससे लोगों को चिड़ियाघरों में इन चीतों को देखने का भी मौका मिलेगा। हालांकि, उनकी सुरक्षा को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी।