डिजिटल जनगणना 2027: जम्मू-कश्मीर में 8GB RAM वाले फोन बने सिरदर्द, कैसे होगा पहला डिजिटल सर्वेक्षण?
जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाकों में जनगणना 2027 से पहले तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गणक और पर्यवेक्षकों के पास जो फोन हैं, वे जरूरी स्पेसिफिकेशन से कम हैं। नए नियमों के मुताबिक, सभी के पास कम से कम 8GB रैम और एंड्रॉइड 13 या उससे ऊपर वाले स्मार्टफोन होने चाहिए। 20 अगस्त, 2026 को मुख्य जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने एक बैठक में जोर देकर कहा कि सही डाटा बहुत जरूरी है। सही डाटा से अच्छी नीतियां बनाना और जनसेवाओं को बेहतर करना आसान हो जाता है।
भारत की पहली डिजिटल जनगणना
यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें सारा डाटा मोबाइल ऐप के जरिए इकट्ठा किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में फील्डवर्क 1 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलेगा। यह काम देश के बाकी हिस्सों से कई महीने पहले शुरू हो रहा है, क्योंकि बाकी भारत में यह फरवरी 2027 में शुरू होगा। इस समस्या को हल करने के लिए अधिकारी बातचीत कर रहे हैं कि गणकों और पर्यवेक्षकों के पास जरूरी स्पेसिफिकेशन वाले फोन कैसे उपलब्ध कराए जाएं ताकि काम में कोई रुकावट न आए। इसके अलावा, खास तौर पर उन समूहों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है जो पीछे छूट सकते हैं, जैसे प्रवासी और आदिवासी समुदाय। इन इलाकों में लोग खुद से भी अपनी जानकारी 17 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 तक भर सकते हैं।