CBSE का बड़ा दांव! अब 9वीं-10वीं में 2 भारतीय भाषाएं होंगी अनिवार्य
जुलाई 2026 से CBSE के 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को 3 भाषाएं पढ़नी होंगी। इनमें से कम से कम 2 भारतीय भाषाएं होना जरूरी हैं। छात्र विदेशी भाषा भी चुन सकते हैं, लेकिन तभी जब उनके पास 2 भारतीय भाषाएं हों। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के अनुसार किया गया है।
छठी की किताब से शुरू होगी तीसरी भाषा की पढ़ाई
शुरुआती साल में, जब तक नई किताबें तैयार नहीं हो जातीं, स्कूलों को तीसरी भाषा के लिए छठी कक्षा की किताबों का ही इस्तेमाल करना होगा। ताकि बच्चों की पढ़ाई दिलचस्प बनी रहे, इसके लिए स्थानीय कविताओं और कहानियों को किताबों में शामिल किया जा सकता है। अगर शिक्षकों की कमी होती है, तो स्कूल कई उपाय कर सकते हैं। वे पास के स्कूलों के साथ स्टाफ साझा कर सकते हैं, या फिर रिटायर हो चुके और योग्य पोस्ट-ग्रेजुएट्स की मदद ले सकते हैं। इस संबंध में और विस्तृत दिशानिर्देश 15 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। ताजा अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।