CBSE पर 23 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप, मूल्यांकन में गलती होने पर क्यों वापस नहीं दी जा रही फीस?
साल 2024-25 के अकादमिक सत्र में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) छात्रों से सिर्फ पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी के लिए 23 करोड़ रुपये वसूलने को लेकर आलोचना का सामना कर रहा है। शिक्षाविद् केशव अग्रवाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के जरिए ये आंकड़े सामने रखे हैं। उन्होंने बताया कि एक सवाल के पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों को 100 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
अग्रवाल ने की गलतियां मिलने पर फीस वापस करने की मांग
अग्रवाल ने सवाल उठाया है कि जब पुनर्मूल्यांकन के बाद अक्सर नंबर बढ़ जाते हैं, तो परिवार इतनी मोटी फीस क्यों दें? यह तो परीक्षक की गलती को दर्शाता है। इसलिए, उन्होंने CBSE से मांग की है कि अगर मूल्यांकन में कोई गलती पाई जाती है, तो छात्रों की फीस वापस की जाए। कक्षा 12 के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया 19 मई से शुरू हो रही है। इस दौरान पहले स्कैन की गई आंसर शीट के लिए आवेदन किए जाएंगे और फिर महीने के आखिर में सत्यापन व पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन लिए जाएंगे।