
बिहार: 11 वर्षीय छात्रा का छह बार रेप करने वाले स्कूल प्रधानाचार्य को मौत की सजा
क्या है खबर?
पटना की एक कोर्ट ने 11 वर्षीय छात्रा का छह बार रेप करने वाले एक स्कूल प्रधानाचार्य को फांसी का सजा सुनाई है। दोषी स्कूल का संस्थापक था और उसने कॉपी चेक करने के बहाने बुलाकर पहली बार पीड़िता का रेप किया था।
पूरे मामले में एक शिक्षक ने भी उसका साथ दिया और इस शिक्षक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
कोर्ट ने पीड़िता को 1.5 लाख रुपये का मुआवजे देने का निर्देश भी दिया है।
मामला
क्या है पूरा मामला?
मामला पटना की फुलवारी शरीफ की मित्रमंडल कॉलोनी स्थित न्यू सेंट्रल पब्लिक स्कूल का है। 31 वर्षीय अरविंद कुमार इस स्कूल का संस्थापक है और वह यहां प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था।
जुलाई, 2018 में अभिषेक कुमार (29) नामक एक शिक्षक ने कक्षा पांचवीं की पीड़ित छात्रा को यह कहकर अरविंद के केबिन में भेजा कि वहां उसकी कॉपी चेक हो रही है।
यहां अरविंद पीड़िता को पास के ही कमरे में ले गया और उसका रेप किया।
ब्लैकमेल
अरविंद ने बनाया रेप का वीडियो, दो महीने में छह बार किया रेप
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद ने पीड़िता के रेप का वीडियो भी बना लिया और किसी को भी घटना की जानकारी देने पर उसने इस वीडियो का वायरल करने की धमकी दी।
अरविंद ने इसी तरह डरा-धमका कर दो महीने में कम से कम छह बार पीड़िता का रेप किया।
इस दौरान एक दैनिक मजदूर की बेटी पीड़िता का गर्भ ठहर गया और इसी के कारण सितंबर, 2018 में मामले का खुलासा हुआ।
खुलासा
पीड़िता को उल्टी आने पर हुआ मामले का खुलासा
सितंबर, 2018 में पीड़िता को बार-बार उल्टी आने पर उसके परिजन उसे डॉक्टर के पास दिखाने ले गए, जिसने उसके गर्भवती होने की बात कही। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों को अपनी पूरी आपबीती बता दी और उन्होंने 19 सितंबर को फुलवारी शरीफ के महिला थाने में अभिषेक और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस ने स्कूल से एक चाकू, तीन मोबाइल फोन और एक रजिस्टर भी बरामद किया।
सबूत
अरविंद से मिला पीड़िता के भ्रूण का DNA
रेप के आरोपों की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पीड़िता के भ्रूण के DNA सैंपल की जांच की जिसमें यह अरविंद के DNA सैंपल के समान पाया गया। इसके और पीड़िता के बयान के आधार पर अक्टूबर, 2018 में दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए और POCSO की स्पेशल कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान पीड़िता के सरकारी वकील सुरेश चंद्र प्रसाद ने कुल छह गवाह पेश किए।
सजा
कोर्ट ने घटना को माना दुर्लभतम मामला
अब स्पेशल जज अवधेश कुमार की कोर्ट ने इसे दुर्लभतम मामला मानते हुए अरविंद को मौत की सजा सुनाई है। अपने फैसले में उन्होंने कहा, "मुख्य आरोपी अरविंद कुमार के खिलाफ मामले की प्रकृति को देखते हुए मैं मौत की सजा से कम सजा देने में असमर्थ हूं।"
अरविंद पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं अभिषेक को आजीवन कारावास और 50,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
ये पैसे पीड़िता के परिवार को दिए जाएंगे।