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रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, CAG का खुलासा
रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, CAG का खुलासा

लेखन गजेंद्र
Aug 16, 2026
12:34 pm

क्या है खबर?

दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई रेलवे स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में हुआ, जिसने रेलवे के सभी जोन के 512 गैर-उपनगरीय श्रेणी के स्टेशनों पर यात्री सेवाओं का अध्ययन किया था। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, कई रेलवे स्टेशनों पर लगे वाटर कूलर में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया, जो मानव-मल में पाया जाता है।

रिपोर्ट

चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी रेलवे के कोयंबटूर-पलक्कड़, दक्षिण-मध्य रेलवे का हैदराबाद, मध्य रेलवे के 4 स्टेशन (छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण, लोनावला) और पूर्वी रेलवे का मधुपुर का अध्ययन किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2022-23 के दौरान 8 जोन के 49 स्टेशनों और वर्ष 2023-24 के दौरान 9 जोन के 56 स्टेशनों पर प्लेटफार्मों में लगे नलों से एकत्र पेयजल के नमूनों के परीक्षण में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया (ई-कोलाई) की मिला है।

सुविधा

दिल्ली के स्टेशन पर भी सुविधाओं का अभाव

ऑडिट में पाया गया कि चयनित 512 स्टेशनों में 458 स्टेशन, यानी 90 प्रतिशत में न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (MEA) के प्रावधान में कमी थी।

जांच में पाया गया कि मुंबई सेंट्रल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, हावड़ा-सियालदह, नई दिल्ली जैसे NSG-1 श्रेणी के स्टेशनों पर बैठने, स्वच्छता सुविधाएं, कूड़ेदान और इलेक्ट्रॉनिक संकेतक बोर्ड आदि की कमी है।

CAG ने जल आपूर्ति प्रणालियों के निरीक्षण और पेयजल की गुणवत्ता के व्यापक परीक्षण के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा है।

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नियम

अप्रैल 2018 में सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा था

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2018 में, रेलवे बोर्ड ने गैर-उपनगरीय समूह (NSG) श्रेणियों 1 से 6 के वर्गीकृत स्टेशनों के लिए न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा था।

श्रेणी के तहत NSG-1 स्टेशन मेगा-हब का प्रतिनिधित्व करते हैं जो प्रति वर्ष 500 करोड़ से अधिक की यात्री आय उत्पन्न करते हैं और 2 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालते हैं।

यह ग्रेडिंग प्रणाली सीधे तौर पर प्रत्येक स्टेशन पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं, जैसे कि वेटिंग हॉल, लिफ्ट, एस्केलेटर और खानपान सेवाओं के पैमाने और बजट को निर्धारित करती है।

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