BRICS सम्मेलन 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया भरोसा, कहा- वैश्विक कल्याण के लिए होगी सकारात्मक चर्चा
क्या है खबर?
भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इस सम्मेलन को लेकर गहरा विश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन वैश्विक कल्याण और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा का गवाह बनेगा। बता दें कि यह 2 दिवसीय ऐतिहासिक महासम्मेलन 12 और 13 सितंबर को प्रगति मैदान के 'भारत मंडपम' में संपन्न होगा। इसके लिए सदस्य देशों के नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
विश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया सकारात्मक परिणाम पर जताया
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर विश्वास व्यक्त किया कि BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक कल्याण पर केंद्रित विभिन्न विषयों पर रचनात्मक और महत्वपूर्ण संवाद होंगे।
उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'आने वाले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता BRICS शिखर सम्मेलन के लिए एकत्रित होंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि सम्मेलन में वैश्विक कल्याण की आकांक्षा के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट
अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥ pic.twitter.com/YG36WlpiYg
चर्चा
चर्चा का मुख्य विषय रहेंगे ये मुद्दे
भू-राजनीतिक रूप से बंटे वैश्विक माहौल के बीच भारत इस सम्मेलन को एक प्रभावी मंच के रूप में स्थापित कर रहा है।
इस साल सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भोजन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा न्यूनीकरण और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में सामूहिक लचीलेपन को बढ़ावा देना है।
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और ट्रंप प्रशासन की व्यापार और टैरिफ नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों से जूझ रही है।
मेहमान
सम्मेलन में शामिल होंगे ये नेता
इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शीर्ष नेताओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनामी प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं।
इसके चलते पूरी राजधानी को अभेद सुरक्षा चक्र में बदला गया है।