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भारतीय निर्यात पर नहीं लगेगा शुल्क, भारत-ओमान में मुक्त व्यापार समझौते से क्या-क्या फायदे होंगे?
भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ है

भारतीय निर्यात पर नहीं लगेगा शुल्क, भारत-ओमान में मुक्त व्यापार समझौते से क्या-क्या फायदे होंगे?

लेखन आबिद खान
Dec 18, 2025
04:33 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान की यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, "हम भारत-ओमान के बीच व्यापारिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं। कई क्षेत्रों में बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं।" इस समझौते के बाद ओमान को 27,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय वस्त्र, रसायन और अन्य निर्यात शुल्क मुक्त हो सकते हैं। आइए FTA के फायदे समझते हैं।

टैरिफ

शुल्क नहीं लगने से बढ़ेगा व्यापार

इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा। वित्त वर्ष 2025 में कुल भारतीय निर्यात के लगभग 83.5 प्रतिशत हिस्से पर ओमान में 5 प्रतिशत शुल्क लगा था। इसके अलावा शराब पर 100 प्रतिशत, चॉकलेट और डिब्बाबंद फलों पर 52 प्रतिशत और पशु वसा और वनस्पति तेलों पर 29 प्रतिशत शुल्क लगता है। जानकारों का कहना है कि इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य उत्पाद, वस्त्र और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में अभी भी विस्तार की काफी गुंजाइश है।

प्रतिस्पर्धा

यूरोप, अमेरिका और पाकिस्तान को टक्कर देगा भारत

मनी कंट्रोल के मुताबिक, इस समझौते के बाद ओमान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के लगभग 1.4 प्रतिशत शिपमेंट जोखिम में हैं। वहीं, यूरोपीय संघ और अमेरिका को अपने ओमान निर्यात के 4-5 प्रतिशत हिस्से पर भारत से नई प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मूल्य अंतर कम है। ओमान को होने वाले 49 प्रतिशत पाकिस्तानी निर्यात को भारत से सीधी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

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अमेरिकी टैरिफ

अमेरिकी टैरिफ से त्रस्त निर्यातकों को मिलेगा नया बाजार

वस्त्र निर्यात पर फिलहाल अमेरिका भारी टैरिफ लगा रहा है। ओमान के साथ FTA के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए ये एक नए गंतव्य के तौर पर उभर सकता है। भारत ओमान को सबसे ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात करता है, जिस पर कोई टैरिफ नहीं लगता। इसके बाद इंजीनियरिंग सामान (1,600 करोड़ रुपये) और रसायन (2,100 करोड़ रुपये) जैसे प्रमुख क्षेत्र हैं। FTA लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में भी निर्यात पर सीधा फायदा होगा।

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बयान

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

महिंद्रा समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अनीश शाह ने कहा, "ये समझौता खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों में मील का पत्थर है। ओमान पहले ही भारत के सबसे मूल्यवान साझेदारों में से है और GCC में तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। ये समझौता भारतीय वस्तुओं के लिए लगभग पूर्ण शुल्क-मुक्त पहुंच को सक्षम बनाकर और ऊर्जा, खनिज, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देकर इस साझेदारी को और मजबूत करेगा।"

व्यापार

कैसे हैं भारत-ओमान के बीच व्यापारिक संबंध?

भारत और ओमान के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 80,000 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 95,000 करोड़ रुपये हो गया। ओमान में भारत-ओमान के 6,000 से अधिक संयुक्त उद्यम कार्यरत हैं। भारत से ओमान में कुल प्रत्यक्ष निवेश 6,000 करोड़ रुपये है। वहीं, अप्रैल 2000 से मार्च 2025 के बीच ओमान से भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 5,500 करोड़ रुपये है।

FTA

क्या होता है FTA?

FTA 2 या 2 से ज्यादा देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए किया जाता है। इसके तहत आयात और निर्यात शुल्क को कम कर या खत्म कर देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार बहुत कम या बिना किसी टैरिफ बाधाओं के किया जा सकता है। इसके अंतर्गत सरकारी शुल्क, कोटा और सब्सिडी जैसे प्रावधान किये जाते हैं। भारत के कई देशों के साथ इस तरह के समझौते हैं।

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