प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता शुरू, जानिए कैसे मिले दोनों नेता
क्या है खबर?
भारत के मेजबानी में राजधानी नई दिन में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 'भारत मंडपम' में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन का बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। बता दे कि पुतिन तड़के करीब 3 बजे उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे थे।
स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी ने इस तरह की पुतिन से मुलाकात
भारत मंडपम के विशेष स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन का बेहद गर्मजोशी और सदाबहार दोस्त की तरह स्वागत किया।
इस खास मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी गोल्डन क्रीम कलर के पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए, जबकि राष्ट्रपति पुतिन ने ब्लैक कलर का फॉर्मल सूट पहना हुआ था।
दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए पहले एक-दूसरे से पहले हाथ मिलाया और फिर गर्मजोशी से गले लगकर भारत-रूस की गहरी दोस्ती का संदेश दिया।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 11, 2026
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/KhlCIatMI2
तोहफा
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को दिया विशेष सांस्कृतिक तोहफा
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन की इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत से जुड़ा एक बेहद नायाब तोहफा दिया।
उन्होंने पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कवि और दार्शनिक संत तिरुवल्लुवर द्वारा रचित महान ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी भाषा में अनुवादित विशेष संस्करण भेंट किया।
'तिरुक्कुरल' तमिल साहित्य के सबसे पूजनीय कार्यों में से एक है, जिसमें नीतिशास्त्र, सदाचार, शासन कला और जीवन के आचरण से जुड़े 1,330 दोहे शामिल हैं।
उम्मीद
रक्षा क्षेत्र में इन बड़े सौदों की उम्मीद
बैठक में दोनों देशों के बीच पारंपरिक रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रणनीतिक चर्चा चल रही है।
बैठक के मुख्य एजेंडे में रूस द्वारा भारत को प्रस्तावित Su-57 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की आपूर्ति और भारत को शेष S-400 वायु रक्षा प्रणाली की डिलीवरी को जल्द पूरा करने पर बातचीत हो रही है।
इसी तरह ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम के उन्नत और आधुनिक संस्करणों के संयुक्त विकास को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।