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बेंगलुरु पुलिस का 'ऑपरेशन मुक्त' में 1,900 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा, 15 बांग्लादेशी भी शामिल
बेंगलुरु पुलिस का 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत पकड़े 15 बांग्लादेशी नागरिक

बेंगलुरु पुलिस का 'ऑपरेशन मुक्त' में 1,900 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा, 15 बांग्लादेशी भी शामिल

Aug 08, 2026
06:38 pm

क्या है खबर?

बेंगलुरु सिटी पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बहुत बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया है। पुलिस ने शहर के इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन में 'ऑपरेशन मुक्त' के तहत भारी छापेमारी की है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने सत्यापन के लिए 1,909 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से गहन जांच के बाद 15 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। आइए पूरी खबर पर नजर डालते हैं।

कार्रवाई

23 टीमों ने 6 पुलिस थाना क्षेत्रों में की बड़ी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, इस अभियान में 23 पुलिस टीमें और 295 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बेगुर, परप्पना अग्रहारा, बांदीपाल्या, हुलीमावू और हेब्बागौड़ी थाना क्षेत्रों के 29 ऐसे ठिकानों पर छापेमारी की, जहां संदिग्ध विदेशी नागरिकों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी।

इस दौरान कुल 1,909 हिरासत में लिए गए लोगों में से 1,894 के पास वैध दस्तावेज मिले। हालांकि, बेगुर से 8 और परप्पना अग्रहारा से 7 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित किया गया।

अभियान

व्हाइटफील्ड में भी चलाया गया तलाशी अभियान

इलेक्ट्रॉनिक सिटी के अलावा बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड डिवीजन में भी व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

व्हाइटफील्ड के पुलिस उपायुक्त (DCP) सैदुल्ला अडावथ ने बताया कि यहां 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 30 से ज्यादा ठिकानों पर अस्थायी बस्तियों की तलाशी ली। यहां भी करीब 40 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिनमें से 4 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के नागरिकों को वापस भेजने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है।

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कार्रवाई

इलेक्ट्रॉनिक सिटी में पकड़े गए सर्वाधिक संदिग्ध

इंडिया टुडे के अनुसार, कार्रवाई के तहत पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सिटी में 550, परप्पना अग्रहारा में 355, बेगुर में 339, बांदीपल्या में 244, हुलिमावु में 219 और हेब्बागोडी में 202 लोगों को हिरासत में लिया।

अधिकारियों ने बताया कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की गई है और जहां आवश्यक होगा वहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह शहर में इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

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सख्ती

मकान मालिकों और मदद करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बीते एक साल (8 अगस्त, 2025 से 8 अगस्त, 2026) के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन से ही 47 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया है।

पुलिस अब उन मकान मालिकों और स्थानीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है जो इन अवैध प्रवासियों को किराए पर शेड या मकान देते हैं और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उनकी मदद करते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में दोषी मिलने वाले मददगारों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

बयान

अवैध प्रवासियों से कोई समझौता नहीं- खड़गे

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि राज्य सरकार अवैध अप्रवासन को लेकर बेहद गंभीर है और सुरक्षा से बिल्कुल भी समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीनों में लगभग 1,000 अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खुद कानून हाथ में लेने या सोशल मीडिया एक्टिविज्म करने के बजाय संदिग्धों की जानकारी सीधे पुलिस को दें।

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