
बंगाल: कोरोना वायरस के कारण छोड़ना पड़ा केरल, घर आते ही लॉटरी से लखपति बना शख्स
क्या है खबर?
कहते हैं कि किस्मत का कोई भरोसा नहीं, यह कभी भी बदल सकती है।
एक तरफ जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण डर में जी रही है, वहीं इसी कोरोना वायरस के कारण एक बढ़ई (कारपेंटर) लखपति बन गया।
दरअसल, बंगाल के रहने वाले इजारुल केरल में बढ़ई का काम करते थे। वहां कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद वो वापल बंगाल आए और लखपति बन गए।
आइये, जानते हैं कि उनकी किस्मत कैसी बदली।
मामला
कोरोना वायरस से डर के कारण छोड़ना पड़ा केरल
केरल में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद इजारुल ने वापस अपने घर आने का विचार किया, लेकिन उन्हें अपना काम छूटने और परिवार का पेट पालने में आने वाली मुश्किलों की चिंता खाए जा रही थी।
इसी दौरान उन्होंने एक लॉटरी का टिकट खरीदा। उनकी किस्मत ऐसी चमकी कि उनकी वो लॉटरी लग गई और वो लखपति बन गए। अब उन्हें काम छूटने की कोई चिंता नहीं रही है।
जानकारी
इलाके में जाना-पहचाना नाम बन गए इजारुल
गुरुवार को जैसे ही उनकी लॉटरी लगने का पता चला, आसपास के लोगों ने इजारुल के घर आना शुरू कर दिया। अपने दो कमरे के मकान में पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता के साथ रहने वाले इजारूल इलाके में जाना-पहचाना नाम बन गए हैं।
काम-धंधा
कई सालों से केरल में काम कर रहे थे इजारुल
बंगाल के मिर्जापुर के रहने वाले इजारुल पिछले कुछ समय से केरल में बढ़ई का काम कर रहे हैं। मिर्जापुर में उन्हें इस काम के लिए रोजाना 500-600 रुपये मिलते थे, वहीं केरल में उन्हें इसके लिए रोजाना 1,000 से 1,200 रुपये की दिहाड़ी मिलती है।
लॉटरी लगने के बाद इजारुल का परिवार खुश है। उन्हें अब खाने की चिंता नहीं हैं। वो इस बात से भी खुश हैं कि इजारुल को कमाने के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा।
लॉटरी
इजारुल ने यह सोचकर खरीदा था लॉटरी का टिकट
इजारुल ने बताया कि कोरोना वायरस को डर तो है, लेकिन इसके कारण काम न मिलने का डर उससे भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा, "मैं सात दिन पहले घर आया था। मुझे अपना घर चलाने की चिंता थी इसीलिए मैंने लॉटरी का टिकट खरीदा था और गुरुवार को मैं लखपति बन गया।"
उनके पड़ोसी सबीर शेख ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण इजारुल को केरल से लौटना पड़ा था, लेकिन अब उनकी जिंदगी बदल गई है।
जानकारी
बड़ा घर और अपना बिजनेश शुरू करना चाहते हैं इजारुल
इजारुल का अब वापस केरल जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वो एक बड़ा घर बनाना चाहते हैं और खुद का बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं। अब उन्हें बच्चों की फीस की चिंता भी नहीं है।