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राम मंदिर ट्रस्ट ने अब तक मिले चंदे का खुलासा किया, बताया कहां उपयोग हुई चांदी
राम मंदिर ट्रस्ट ने अब तक मिले चंदे का खुलासा किया

राम मंदिर ट्रस्ट ने अब तक मिले चंदे का खुलासा किया, बताया कहां उपयोग हुई चांदी

लेखन गजेंद्र
Jul 07, 2026
09:16 am

क्या है खबर?

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करने और पारदर्शिता मजबूत करने की कोशिश की है। सोमवार को ट्रस्ट ने बैठक के बाद अब तक मिले दान की रकम और चांदी का खुलासा किया है और बताया है कियह कुछ व्यक्तियों का आपराधिक कृत्य है, न कि ट्रस्ट के धन का दुरुपयोग। ट्रस्ट को अब तक कितने रुपये का दान मिला? आइए, जानते हैं।

चंदा

कुल 3,264 करोड़ रुपये का मिला दान

ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर को निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से कुल 3,264 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें 2,370 करोड़ रुपये निर्माण और पूंजीगत व्यय में उपयोग हुई है। शुरू से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ, जिसमें 391 करोड़ रुपये की राशि मंदिर चलाने में व्यय की गई। शेष बैंक खाते में है। ट्रस्ट ने बताया कि वह चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में अनियमितता से आहत और चिंतित हैं।

चंदा

चांदी को गलाकर छड़े बनाई

नगद राशि के अलावा श्रद्धालुओं से रामलला को कुल 2,926 भेंट प्राप्त हुए हैं, जो तारीख और विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज है। इनका हर साल स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म से भौतिक सत्यापन होता है। ऐसे भेंट देने वाले श्रद्धालुओं को रसीद दी गई है। चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल में गला कर छड़ बनाई गई है, जिनके दस्तावेज उपलब्ध है। गलाने के पश्चात चांदी की शुद्धता और वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध हैं।

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जांच

श्रद्धालुओं को भेंट के सत्यापन का न्यौता

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपनी दी हुई भेंट का उपयोग जानने और सत्यापन के लिए ट्रस्ट के अधिकारी से तारीख और समय लेकर अयोध्या आने का आग्रह किया है। ट्रस्ट ने कहा कि अनियमितता की जानकारी मिलने पर उसने ही उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया था, जिसके बाद विशेष जांच दल (SIT) गठित हुआ है। ट्रस्ट ने आग्रह किया है कि अगर किसी के पास अनियमितता मामले में ठोस साक्ष्य है तो उसे SIT को दें।

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गठन

CEO का चयन करने के लिए समिति गठित

ट्रस्ट ने बताया कि नए महासचिव की नियुक्ति होने तक ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का चयन करने के 3 सदस्यीय समिति का गठन किया है जो ट्रस्ट को उपयुक्त नामों की अनुशंसा करेगी। समिति में न्यायाधीश (सेवानिवृत) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं। ट्रस्ट ने गोपाल राव को भी विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से हटा दिया है।

जांच

किसी पर दोषारोपण ठीक नहीं, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई

ट्र्स्ट ने कहा कि SIT की जांच में 8 नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ ट्रस्ट ने मुकदमा किया है, जो भी दोषी हो, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होकर कठोरतम दंड मिलना चाहिए। ट्रस्ट ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन जांच की वैधानिक परक्रिया पूरी होने तक किसी पर दोषारोपण करना उचित नहीं है। ट्रस्ट ने कहा कि कुछ लोग मामले का फायदा उठाकर भ्रम फैला रहे हैं।

ट्विटर पोस्ट

राम मंदिर ट्रस्ट का पूरा बयान

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