राम मंदिर ट्रस्ट में हो सकती है चंपत राय की वापसी, उनके समर्थन में पूरा ट्रस्ट
क्या है खबर?
अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में इस्तीफा देने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर से मंदिर का कामकाज संभाल सकते हैं। यह दावा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य महंत कमलनयन दास ने किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी होगी, जिसमें उनकी वापसी का मुद्दा उठाया जा सकता है।
रिपोर्ट
ट्रस्टी अनिल मिश्रा को ठहराया जा रहा जिम्मेदार
ट्रस्ट की बैठक से पहले चंदा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप देगी। यह अंतिम रिपोर्ट होगी।
न्यूज18 के मुताबिक, जांच में चंपत राय को किसी भी आपराधिक साजिश का दोषी नहीं पाया गया है। हालांकि, उनकी लापरवाही और निगरानी में हुई चूक को कारण माना जा रहा है।
SIT की जांच में ट्रस्टी अनिल मिश्रा और उनकी भूमिका को अनियमितताओं का जिम्मेदार ठहराया गया है।
सदस्य
चंपत राय के बेकसूर होने को मिल रहा बल
ETV भारत के मुताबिक, कमलनयन दास ने बताया कि पिछली बार ट्रस्ट की बैठक में जब चंपत का इस्तीफा आया था, तब बैठक में कोई भी उसे स्वीकार करने के पक्ष में नहीं था। हालांकि, बाद में उसे स्वीकार किया गया।
ट्रस्ट का मानना है कि चंपत राय इसमें बने रहें और इसलिए आगामी बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा।
कमलनयन दास ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर बयान देने से इनकार कर दिया।
आरोप
अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप
ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। उनकी अयोध्या में क्लीनिक है। मिश्रा ही 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा में प्रधान यजमान बने थे।
मिश्रा के बारे में गिरफ्तार आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने दान की गिनती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राम मंदिर में अधिकांश कर्मचारी उनकी सिफारिश पर भर्ती हुए थे, जिनसे उनको कमीशन मिला था।
गिरफ्तार उनके रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के पास अपनी संपत्ति बढ़ाने का आरोप है।