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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में और हो सकती है गिरफ्तारी, वाराणसी की सुरक्षा कंपनी घिरी
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में और हो सकती है गिरफ्तारी

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में और हो सकती है गिरफ्तारी, वाराणसी की सुरक्षा कंपनी घिरी

लेखन गजेंद्र
Jul 01, 2026
10:15 am

क्या है खबर?

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला एक बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें और अधिक गिरफ्तारियां होने की संभावना है। न्यूज18 के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने वाले महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से पूछताछ की है। उन्होंने गिरफ्तार 8 लोगों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों, नियुक्ति, मंदिर की दान संग्रह प्रणाली के कामकाज और चंदे के प्रबंधन के तरीके के बारे में पूछा है।

जांच

वाराणसी की सुरक्षा कंपनी पर क्यों उठ रहे सवाल?

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 लोगों में से 6 वाराणसी स्थित एक निजी सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत थे, जिसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से मंदिर के नकदी गिनने के कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था। अदालत से अनुमति लेकर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से जेल में दान की गिनती करने और SBI की नया घाट शाखा में नकदी भेजने के लिए नियुक्त निजी एजेंसी की भूमिका के बारे में पूछताछ की है।

जांच

शौचालय में छिपाया जाता था दान का पैसा

अधिकारियों ने बताया कि शुक्ला की भर्ती एजेंसी के साथ-साथ बैंक के माध्यम से भी की गई थी और अब जांचकर्ता कर्मचारियों की तैनाती की इस पूरी श्रृंखला की जांच कर रहे हैं। इंडिया टुडे के मुताबिक, शुक्ला ने पुलिस को बताया कि चंदे की धनराशि को बाहर ले जाने से पहले अस्थायी रूप से शौचालयों में छिपाया जाता था। आरोपी ने दावा किया कि दान की गिनती की प्रक्रिया में अनिल मिश्रा की भूमिका महत्वपूर्ण थी।

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नियुक्ति

SBI ने सुरक्षा एजेंसी को काम पर रखा था

गिरफ्तार लोगों में अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी जेल में हैं। टिन्नू चंपत राय के पूर्व ड्राइवर हैं। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं। राम शंकर यादव और मनीष यादव आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें से 6 सैनिक सुरक्षा सेवा के वेतनभोगी थे, जिसे SBI ने नकदी गिनने के कार्यों के लिए नियुक्त किया था।

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भूमिका

SBI की भूमिका भी जांच के घेरे में

सुरक्षा एजेंसी के निदेशक गौरव सिंह ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट उनका ग्राहक नहीं है, बल्कि SBI ने कंपनी को मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नियुक्त किया था। सिंह ने बताया कि स्थानीय SBI शाखा ने स्वयं कैश काउंटिंग टीम में शामिल 19 लोगों के नामों की सिफारिश की थी। आमतौर पर ऐसी मांगें कॉरपोरेट कार्यालय द्वारा उठाई जाती हैं। सिंह ने स्पष्ट किया कि सैनिक सुरक्षा सेवाएं केवल SBI को कर्मचारी मुहैया कराती थीं।

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