अयोध्या के राम मंदिर से 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया, सामने आया ये कारण
क्या है खबर?
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले की जांच के बीच करीब ठेके पर काम करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों ने इसके पीछे काम में बढ़ोतरी होने और वेतन कम होना बताया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि कर्मचारी सख्ती बढ़ने से भी परेशान हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंदा चोरी के बाद प्रबंधन और गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक उपाय लागू किए हैं।
समस्या
कर्मचारियों ने बताई समस्या, बोले- छोटे नोट आ रहे
दैनिक भास्कर के मुताबिक, कर्मचारियों ने बताया कि चंदा चोरी विवाद के बाद अब 10-20 रुपये के नोटों की संख्या बढ़ गई और गिनती में समय लग रहा है। पहले 500 रुपये के नोटों के 70-80 बंडल तैयार होते थे और गिनती जल्दी पूरी हो जाती थी, लेकिन अब मुश्किल से 500 के नोटों के 15 बंडल तैयार हो पाते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि पहले जो काम 2 शिफ्ट में होता था, उसे एक शिफ्ट में कर दिया है।
नाराजगी
वेतन न बढ़ाने से भी नाराजगी
कर्मचारियों ने बताया कि पहले गिनती करने वाला प्रत्येक कर्मचारी 6 घंटे की शिफ्ट में काम करता था, लेकिन अब इसे बदलकर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक की एक शिफ्ट में कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि काम बढ़ गया है, लेकिन उनके वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनके काम के घंटे बढ़ गए हैं, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। अब इस कार्य में केवल 13 कर्मचारी ही बचे हैं।
नियम
क्या ट्रस्ट के नए नियम से परेशान हैं कर्मचारी?
मंदिर ट्रस्ट के नए नियम के मुताबिक, मंदिर के दान पेटियों से एकत्रित धन की गिनती के लिए कर्मचारियों की एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी। पहले, सफाई कर्मचारी गिनती का कार्य करते थे, लेकिन अब उन्हें वापस सफाई कार्यों में लगाया गया है। गिनती में लगे कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे और उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों के लिए पुलिस द्वारा सत्यापित चरित्र प्रमाणपत्र अनिवार्य हो गया है।