अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने CBI याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी
क्या है खबर?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपनी दोषमुक्ति के खिलाफ दायर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने शराब नीति मामले में CBI की याचिका को खारिज करने की मांग की है। मामले की सुनवाई 18 अगस्त को न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष होने की संभावना है।
मामला
क्या है मामला?
इस साल 27 फरवरी को दिल्ली की एक निचली अदालत ने केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को शराब घोटाले से बरी कर दिया था।
CBI ने आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जो शुरू में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष आया। हालांकि, न्यायमूर्ति शर्मा से केजरीवाल और बरी आरोपियों का टकराव हो गया, जो चर्चा में रहा।
इसके बाद, गुरुवार को केजरीवाल और सिसोदिया ने दायर याचिका में CBI के मामले की वैधता पर प्रारंभिक आपत्तियां उठाई हैं।
सुनवाई
केजरीवाल और सिसोदिया ने क्या तर्क दिया?
केजरीवाल और सिसोदिया याचिका में तर्क दिया है कि निचली अदालत के फैसले के 4 घंटे के भीतर ही पुनरीक्षण याचिका "अभूतपूर्व जल्दबाजी" और "अत्यंत गैर-गंभीरता" से दायर की गई थी।
उन्होंने तर्क दिया कि पुनरीक्षण याचिका में निचली अदालत के फैसले में किसी विशिष्ट अवैधता और विसंगतियों की ओर इशारा नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि CBI पुनरीक्षण याचिका के साथ कोई सबूत, सामग्री या दस्तावेज प्रस्तुत करने में भी विफल रही है।