विमान पायलटों को खसखस से बने भोजन से दूर रहने की सलाह, क्या है कारण?
क्या है खबर?
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने सभी पायलटों को एक सलाह जारी की है, जिसमें उनको खसखस की उच्च मात्रा वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहने को कहा गया है। ALPA का कहना है कि कुछ रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ और बिना पर्ची के मिलने वाली दवाएं अनिवार्य ड्रग परीक्षण में बाधा डाल सकती हैं। इसलिए ऐसी दवाएं और खसखस युक्त खाद्य पदार्थ से दूर रहें। आखिर यह सलाह क्यों जारी की गई है? आइए, जानते हैं।
सलाह
फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़ी घटना के बाद बढ़ी चिंता
दरअसल, 4 अगस्त को थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान अचानक हवा में भयंकर टर्बुलेंस का शिकार हुई थी।
विमान हवा में करीब 300 फीट नीचे आ गया था और 2 से 3 मिनट तक भयंकर टर्बुलेंस की स्थिति में रहा। इससे विमान में सवार 17 यात्रियों को काफी चोट आई।
इसके बाद विमान के पायलट का ड्रग परीक्षण किया गया, जिसमें प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद यह सलाह जारी हुई है।
संबंध
खसखस का ड्रग से क्या है संबंध?
खसखस जिसे पोस्ते के दाने भी कहते हैं, यह अफीम पोस्त (पापावर सोम्निफेरम) के छोटे, हल्के रंग के बीज होते हैं।
यह पौधा प्राकृतिक रूप से अफीम यौगिकों से जुड़ा है। हालांकि खाने योग्य बीजों का उपयोग नशीला प्रभाव उत्पन्न करने के लिए नहीं होता, बल्कि कई विशेष प्रकार के स्वादिष्ट भोजन और मिष्ठान में करते हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि अगर खसखस में मॉर्फिन की थोड़ी मात्रा हुई तो ड्रग स्क्रीनिंग के दौरान परिणाम पॉजीटिव आ सकते है।
भोजन
खसखस से बनते हैं कई पकवान
खसखस का उपयोग सबसे अधिक बंगाल में होता है, जहां 'आलू पोस्तो, मछली पोस्तो, बिरयानी' आदि में खसखस का उपयोग किया जाता है। इससे ग्रेवी को गाढ़ा करते हैं।
एसोसिएशन ने सलाह में पायलटों को चेतावनी दी है कि वे उड़ान भरने से कुछ दिन पहले खसखस से बचें, जिनमें बिरयानी और करी भी शामिल हैं।
साथ ही, कुछ दवाएं भी विमानन कर्मियों के अनिवार्य ड्रग टेस्ट में गलत पॉजिटिव नतीजे दे सकती हैं, जिनको लेने से मना किया है।