AI डेटा सेंटरों को पर्यावरण मंजूरी से बड़ी राहत, पर जान लें ये शर्तें
केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि AI डेटा सेंटर्स को सामान्य पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) नियमों के तहत अलग से एनवायर्नमेंटल क्लियरेंस (EC) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हालांकि, इसमें एक शर्त लागू होती है: यदि आपका डेटा सेंटर 20,000 स्क्वायर मीटर से बड़ा है, या फिर कोई टाउनशिप 50 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर बन रही है, या किसी एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का बिल्ट-अप एरिया 1,50,000 स्क्वायर मीटर से ज्यादा है, तो आपको EC लेना अनिवार्य होगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यह बात स्पष्ट की है।
एनवायर्नमेंटल क्लियरेंस वाले डेटा सेंटर्स के लिए पानी की जांच होगी
जिन डेटा सेंटर्स को एनवायर्नमेंटल क्लियरेंस (EC) की आवश्यकता होगी, उनकी पानी की खपत की जांच की जाएगी और उन्हें ग्रे-वाटर को रीसायकल करने की योजना भी दिखानी होगी। किसी भी व्यावसायिक (कमर्शियल) या इंफ्रास्ट्रक्चर डेटा प्रोजेक्ट के लिए भूजल निकालने पर जल शक्ति मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानी और हवा पर पड़ने वाले प्रभावों पर लगातार नजर रखेंगे। नए दिशानिर्देशों में कूलिंग के लिए ट्रीटेड वेस्टवाटर और ऊर्जा बचाने वाले सिस्टम (एनर्जी-सेविंग सिस्टम) का इस्तेमाल करने को बढ़ावा दिया गया है, ताकि ये तकनीकी केंद्र और भी 'ग्रीन' बन सकें।