बिहार-असम और राजस्थान प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई नहीं करेंगे, CJP बोली- युवाओं को अकेले नहीं छोड़ेंगे
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार शाम को आशंका जताई थी कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई न करने का वादा तोड़ सकती है, जिसके बाद पार्टी ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की धमकी दी थी। इसके बाद बिहार, असम और राजस्थान की सरकारों ने एक आदेश जारी कर आश्वासन दिया है कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे और सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। यह पुष्टि CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने आधी रात को की।
आश्वासन
किसी युवा को लड़ाई में अकेले नहीं छोड़ेंगे- CJP
दास ने रात में एक्स पर लिखा, 'बिहार और असम में अधिसूचना जारी होने के बाद, हमें भरोसा दिलाया गया है कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोई FIR दर्ज नहीं की गई है और न ही की जाएगी। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा और NDA शासित अन्य संवेदनशील राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों के हित में जरूरी भाषा में अधिसूचना जारी हों। हम किसी युवा को इस लड़ाई में अकेला नहीं छोड़ेंगे!'
वादा
दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधि भी मिले
मंगलवार तड़के दास और CJP की कानूनी संपर्क अधिकारी रत्ना सिंह ने एक वीडियो संदेश में बताया कि रात में दिल्ली पुलिस के कुछ प्रतिनिधियों से उनकी मुलाकात हुई, जो वार्ता में मध्यस्थ थे।
दास ने कहा, "हमने उनसे कहा कि हमें डर है कि सरकार अपना वादा नहीं निभाएगी, जिसके बाद पुलिस ने बिहार सरकार की अधिसूचना की प्रति सौंपी।"
पुलिस ने कहा कि मंगलवार को अन्य राज्यों से भी इसी तरह की गारंटी मिलने की उम्मीद है।
कानून
प्रदर्शनकारियों की हरसंभव मदद करेगी CJP
CJP ने पुलिस उत्पीड़न का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को वकील उपलब्ध कराने की बात कही है।
दास ने कहा कि पार्टी वेबसाइट शुरू करने जा रही है, जिससे हर जिले के प्रदर्शनकारी छात्रों को वकील उपलब्ध हो सकेगा
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने वेबसाइट और वकीलों के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
उन्होंने देशभर के वकीलों से CJP को छात्रों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए योगदान देने का आग्रह किया है।
ट्विटर पोस्ट
CJP प्रवक्ताओं की बात
#Important: 1 AM update.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs