अभिजीत दिपके ने CJI सूर्यकांत को दिया राष्ट्रव्यापी छात्र विरोध-प्रदर्शन का श्रेय, जानिए कारण
क्या है खबर?
NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक बड़ा और तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने देश में युवाओं और छात्रों के बड़े आंदोलन को खड़ा करने का पूरा श्रेय भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को दिया है। उन्होंने कहा कि CJI के बयान ने ही CJP की आधारशिला रखी थी और वह अपने अभियान में सफल भी हुई।
बयान
दिपके ने क्या दिया बयान?
स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म पीक टीवी को दिए साक्षात्कार में दिपके ने कहा, "असली श्रेय उन्हीं (CJI) को जाता है। अगर उन्होंने 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया होता, तो मैं कभी अमेरिका (बोस्टन यूनिवर्सिटी) से पढ़ाई पूरी कर भारत वापस नहीं आता।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर वे ऐसा नहीं कहते, तो न 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनती, न सोनम वांगचुक का आमरण अनशन होता और न ही आज देश भर की सड़कों पर लाखों युवा अपने अधिकार के लिए उतरे होते।"
धन्यवाद
दिपके ने CJI को दिया धन्यवाद
दिपके ने आगे कहा, "मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश को धन्यवाद देना चाहता हूं। सर, हमें कॉकरोच बुलाने और हमें जगाने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या जस्टिस सूर्यकांत ही असल में CJP के 'संस्थापक' हैं, तो दिपके ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताई।
बता दें कि विरोध प्रदर्शन के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता वांगचुक 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद आंदोलन का चेहरा बन गए थे।
टिप्पणी
CJI ने क्या की थी टिप्पणी?
गत 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकीलों के नामांकन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI ने अदालतों और कानूनी प्रणाली पर हो रहे हमलों की तीखी आलोचना की थी।
उन्होंने कहा था, "कुछ युवा कॉकरोच और परजीवी की तरह हैं, जिन्हें कोई रोजगार या प्रोफेशन में जगह नहीं मिलती है। उनमें से कुछ मीडिया, सोशल मीडिया, RTI कार्यकर्ता या अन्य एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर हर किसी पर हमला करने लगते हैं।"
जानकारी
CJI ने बयान पर दिया था स्पष्टीकरण
हालांकि, बाद में CJI ने स्पष्टीकरण दिया था कि उनका इशारा फर्जी डिग्री के सहारे वकालत में आने वाले लोगों की तरफ था और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया, लेकिन तब तक यह बयान वायरल हो चुका था।
सवाल
दिपके ने नए शिक्षा मंत्री और मुआवजे पर उठाए सवाल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर दिपके ने असंतोष जताया है।
उन्होंने ANI से कहा, "हमारी मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी, जो पूरी हुई, लेकिन उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को लाया गया, जिन्हें बिलकिस बानो के बलात्कारियों को माला पहनाते देखा गया था। इसलिए हम उनकी नियुक्ति का समर्थन नहीं करते हैं।"
उन्होंने सरकार पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा न देने का भी आरोप लगाया।