TCS नासिक मामले की जांच जज और IPS पैनल ने संभाली
टीसीएस (TCS) के नासिक ऑफिस में लगे गंभीर आरोपों की जांच अब एक चार सदस्यीय विशेष पैनल कर रहा है। इसमें एक सेवानिवृत्त जज और एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी शामिल हैं। ये आरोप जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं।
महाराष्ट्र के एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने जब दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, तब जाकर यह कदम उठाया गया है। वकील मोनिका अरोड़ा ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पैनल का मकसद असलियत का पता लगाना है।
मानवाधिकार आयोग ने TCS से मांगे रिकॉर्ड
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वादा किया है कि इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या इस घटना को "कॉर्पोरेट जिहाद" कहा जा सकता है। इसी बीच, मानवाधिकार आयोग ने टीसीएस (TCS) से शिकायतों का ब्योरा और बीपीओ (BPO) से जुड़ी जानकारी मांगी है। पुलिस से भी पूछा गया है कि संबंधित ऑफिस के ऑपरेशंस प्रमुख को आरोपी बनाया गया है या नहीं। अगर नहीं, तो इसकी वजह क्या है। अब तक, नासिक ऑफिस में कुल नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारी इन मामलों में अपनी जांच को तेज कर रहे हैं।