कमांडर बदसे सुक्का समेत 20 माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण
क्या है खबर?
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में चल रहे विद्रोह को एक बड़ा झटका लगा है। पिपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के स्वयंभू शीर्ष कमांडर देवा उर्फ बदसे सुक्का समेत 20 माओवादियों ने शनिवार को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटनाक्रम ने PLGA और CPI (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति को करारा झटका दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले समूह ने PLGA के हथियारों के जखीरे भी सौंप दिए।
भूमिका
संगठन में सुक्का की भूमिका और उनका आत्मसमर्पण
CPI (माओवादी) में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण आदिवासी नेता सुक्का साल 2003 में CPI ML PWG (पीपुल्स वॉर ग्रुप) में शामिल हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे सैन्य रणनीति, विस्फोटक, आग्नेयास्त्र निर्माण और IED में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। उसका रणनीतिक दिमाग 2013 के झीराम घाटी हमले जैसे कई हाई-प्रोफाइल हमलों के पीछे था, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं की हत्या कर दी गई थी।
आत्मसमर्पण
सुक्का के साथ एक अन्य प्रमुख नेता ने भी किया आत्मसमर्पण
बदसे के साथ-साथ एक अन्य वरिष्ठ नेता कंकनला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश ने भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। रेड्डी छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर एक गुरिल्ला अड्डा स्थापित करने और उसे मजबूत करने के लिए रसद सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। राज्य और केंद्र की राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले 20 माओवादियों को कुल 1.82 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
जानकारी
तेलंगाना पुलिस ने किया पुनर्वास का वादा
तेलंगाना राज्य पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि पुनर्वास के सभी हकदार सदस्यों को समय पर लाभ पहुंचाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को सम्मान और सुरक्षा का जीवन प्रदान किया जाए।