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'टॉक्सिक' रिव्यू: यश का चला जादू या 3 घंटे झेलना पड़ा टॉर्चर? जानिए क्या बोली जनता

'टॉक्सिक' रिव्यू: यश का चला जादू या 3 घंटे झेलना पड़ा टॉर्चर? जानिए क्या बोली जनता

Aug 26, 2026
02:04 pm

क्या है खबर?

'KGF: चैप्टर 2' के 4 साल बाद यश की बड़े पर्दे पर वापसी 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' से हुई है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी लगभग 500 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म से दर्शकों को भारी उम्मीदें थीं। हालांकि, 26 अगस्त को रिलीज होते ही फिल्म को मिला-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। एक्स पर लोग जहां यश और VFX की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कमजोर कहानी और निर्देशन की कड़ी आलोचना हो रही है।

मिली-जुली प्रतिक्रिया

सिर्फ यश और क्लाइमैक्स ही राहत

एक्स पर यश की स्क्रीन मौजूदगी की सबसे ज्यादा तारीफ हो रही है। फिल्म के भव्य स्तर, स्टाइलिश प्रेजेंटेशन और एक्शन को भी खूब सराहा जा रहा है।

हालांकि, कमजोर पटकथा, ढीले संवाद और एडिटिंग की खामियों के कारण कई दर्शक निराश दिखे।

एक ने लिखा, 'तकनीकी रूप से मजबूत होने के बावजूद अराजक स्क्रीनप्ले इसे उबाऊ बनाता है। रवि बस्रूर का बैकग्राउंड म्यूजिक भी परेशान करता है। फिल्म में सिर्फ यश की मौजूदगी और क्लाइमेक्स ही राहत देते हैं।'

निर्देशन

जबरन ठूंसे बोल्ड सीन, दिशाहीन है निर्देशन?

एक्स पर एक यूजर ने लिखा कि 3 घंटे की 'टॉक्सिक' में केवल यश का स्टाइल, एक्शन और विजुअल्स ही अच्छे हैं, बाकी कहानी, संवाद और गीतू मोहनदास का निर्देशन बेहद उबाऊ है। कुछ ने इसे बड़ा सिरदर्द बताया और कहा कि एंटी-हीरो का किरदार इतना परेशान करने वाला है कि लोग ऐसी फिल्मों से तौबा करेंगे।

जनता के मुताबिक, किरदारों की बनावट खराब है, जबरन बोल्ड सीन ठूंसे गए हैं और भावनात्मक जुड़ाव तो पूरी तरह से गायब है।

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खराब निर्देशन ने किया निराश

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आलोचना

थिएटर छोड़कर बीच में ही भाग गए लोग- दावा

फिल्म के पहले हाफ की बुराई कर एक यूजर ने लिखा कि बेहतर होता कि 'टॉक्सिक' फिल्म बेहतर कोई वेब सीरीज होती। ओवर-एक्टिंग और कमजोर डायलॉग्स की वजह से उन्होंने फिल्म को पूरी तरह खोखला बताया।

उधर दूसरे दर्शक ने पहले हाफ को सीधे टॉर्चर कहते हुए इसकी तुलना 90 मिनट यानी 3 घंटे के लंबे ट्रेलर से कर लिखा कि खराब एडिटिंग और भावनाओं की कमी के कारण कुछ लोग तो सिनेमाघर छोड़कर बीच में ही बाहरचले गए।

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क्या टॉर्चर है 'टॉक्सिक'?

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यहां देखिए यूजर का पोस्ट

किरदार

छाए यश, पर कियारा और नयनतारा ने किया निराश

आलोचनाओं के बीच यश के फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। दर्शकों ने उनकी एंट्री, एक्शन सीन और फ्यूनरल फाइट सीक्वेंस को भारतीय सिनेमा का सबसे शानदार पल बताया।

कइयों का कहना है कि अभिनय के मामले में भारत में यश का कोई मुकाबला नहीं।

दूसरी ओर दर्शकों में कियारा आडवाणी और नयनतारा के किरदारों को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इन बेहतरीन अभिनेत्रियों का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और उनके रोल निराश करते हैं।

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यश का स्वैग भी नहीं बचा पाया फिल्म की नैया

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