श्रीदेवी की जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम, जानें क्या था वो 38 साल पुराना राज
क्या है खबर?
श्रीदेवी के नाम पर दर्ज चेन्नई की उस ऐतिहासिक जमीन को छीनने के लिए जो जाल बिछाया गया, उसे मद्रास हाई कोर्ट ने एक ही झटके में काट दिया है। अदालत ने न केवल इस याचिका को खारिज कर किया, बल्कि इसे कानून के साथ एक भद्दा मजाक बताया। जब याचिकाकर्ता 38 साल का हिसाब मांगने पहुंचे तो उन्हें कोर्ट की वो सख्त फटकार मिली, जिसने उनकी योजना की धज्जियां उड़ा दीं। आइए पूरा मामला विस्तार से जानें।
विवाद
श्रीदेवी की विरासत पर 'फर्जीवाड़े' का दावा
ये विवाद चेन्नई के एक रिहायशी इलाके में स्थित 2.70 एकड़ जमीन को लेकर था, जिसे भारतीय सिनेमा की 'पहली महिला सुपरस्टार' श्रीदेवी ने 1988 में खरीदा था। श्रीदेवी के निधन के बाद यह संपत्ति कानूनी तौर पर उनके पति बोनी कपूर और बेटियों जाह्नवी कपूर व खुशी कपूर के नाम हो गई। मामला तब बढ़ा, जब एमसी शिवकामी और 2 अन्य लोगों ने कोर्ट में दावा किया कि जमीन की 1988 की बिक्री के दस्तावेज ही फर्जी थे।
खारिज
मद्रास हाई कोर्ट ने शिवकामी की अर्जी को कूड़ेदान में फेंका
शिवकामी ने आरोप लगाया कि ये जमीन उनके परिवार की थी और इसकी धोखाधड़ी का पता उन्हें कई साल बाद चला। मामला जब मद्रास हाई कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने सख्त टिप्पणी कर कहा कि 40 साल पुराने सौदे को बिना ठोस सबूत चुनौती नहीं दी जा सकती। अदालत ने इसे 'परेशान करने वाला मुकदमा' बताते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास कोई मजबूत सबूत नहीं है और ये रसूखदार परिवार को कानूनी विवाद में फंसाने की कोशिश है।
फटकार
कोर्ट ने श्रीदेवी की जमीन पर दावा ठोकने वालों को लताड़ा
कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि ये मुकदमा 1988 की बिक्री के लगभग 40 साल बाद दायर किया गया था, इसलिए ये 'सीमा के कानून' के तहत पूरी तरह वर्जित था। अदालत ने ये फैसला सुनाया कि वादियों के पास इस मामले को चलाने के लिए कोई कानूनी अधिकार या हैसियत नहीं थी। ये मुकदमा केवल भावनाओं या दावों पर नहीं, बल्कि रसूखदार कपूर परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करने के लिए गढ़ा गया था।
राहत
श्रीदेवी की विरासत अब सुरक्षित
हाई कोर्ट ने निचली अदालत के पुराने रुख को पलटते हुए इस मुकदमे को जड़ से खारिज कर दिया। इस फैसले ने न केवल बोनी कपूर और उनकी बेटियों को एक बड़ी मानसिक और कानूनी राहत दी, बल्कि उन लोगों को भी कड़ा संदेश दिया, जो दशकों पुराने बंद हो चुके मामलों की आड़ में 'प्रॉपर्टी का खेल' खेलने की कोशिश करते हैं। अब श्रीदेवी की वो विरासत कानूनी तौर पर पूरी तरह से उनके परिवार के पास सुरक्षित है।