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जोसेफ विजय कैसे बने 'थलापति'? इन फिल्मों की बदौलत हासिल किया सफलता का मुकाम
थलापति विजय को इन फिल्मों ने दिलाई शोहरत

जोसेफ विजय कैसे बने 'थलापति'? इन फिल्मों की बदौलत हासिल किया सफलता का मुकाम

May 04, 2026
04:59 pm

क्या है खबर?

थलापति विजय, दक्षिण सिनेमा का ऐसा नाम, जो कई साल से दर्शकों के दिलों में बसा है। उन्होंने बाल कलाकार बनकर फिल्मों में कदम रखा और अभिनय कौशल से सुपरस्टार का मुकाम पाया। आज विजय सिर्फ फिल्मी पर्दे पर नहीं, बल्कि राजनीति के मैदान में भी चमक उठे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों में उनकी राजनीति पार्टी TVK सबसे आगे चल रही और सरकार बनाने जा रही है। चलिए जानते हैं उनके करियर और निजी जिंदगी से जुड़ी बातें।

नाम

जोसेफ विजय कैसे बन गए फैंस के 'थलापति'?

विजय फिल्मी परिवार से है, उनके पिता एसए चंद्रशेखर जाने-माने निर्देशक हैं। वहीं उनकी मां शोभा चंद्रशेखर पार्श्व गायिका हैं। कम लोगों को पता होगा कि 22 जून, 1974 को जन्मे विजय का असली नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। खबरों के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें फिल्म 'रसीगन' (1994) में पहली बार 'इलयथलापति', यानी 'युवा सेनापति' का खिताब दिया था। समय के साथ उनके नाम से 'इलय' (युवा) शब्द हट गया और वह फैंस के लिए सिर्फ 'थलापति' बन गए।

फिल्में

इन फिल्मों ने विजय को सफलता के शिखर पर पहुंचाया

विजय ने 10 साल की उम्र में फिल्म 'वेत्री' (1984) से एक बाल कलाकार के रूप में अपना डेब्यू किया था। इसके बाद, उन्हें 'कुडुम्बम' (1984), 'नान सिगप्पु मनिथन' (1985) और 'वसंत रागम' (1986) जैसी फिल्मों में देखा गया। उन्होंने बतौर मुख्य अभिनेता डेब्यू फिल्म 'नलय थेरपू' (1992) से किया था। हालांकि, यह फिल्म फ्लॉप रही। बाद में अभिनेता ने 'थेरी' (2016), 'बीस्ट' (2022), 'लियो' (2023) और 'ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम' (2024) जैसी फिल्में देकर सुपरस्टार का दर्जा हासिल किया।

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