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बॉलीवुड के 'मौन' पर स्वरा भास्कर का बड़ा हमला- सब जानते हैं मेरा क्या हश्र हुआ
बॉलीवुड की चुप्पी पर स्वरा भास्कर ने कसा तीखा तंज

बॉलीवुड के 'मौन' पर स्वरा भास्कर का बड़ा हमला- सब जानते हैं मेरा क्या हश्र हुआ

Jul 17, 2026
04:08 pm

क्या है खबर?

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बॉलीवुड की चुप्पी को लेकर फिल्म इंडस्ट्री पर तीखा निशाना साधा है। सोनम वांगचुक के आंदोलन का उदाहरण देते हुए स्वरा ने कहा कि कलाकार किसी भी विवाद में पड़ने और अपने करियर को होने वाले नुकसान से डरते हैं। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए साफतौर पर कहा कि इंडस्ट्री ने देखा है कि आवाज उठाने की वजह से उनके करियर का क्या हश्र हुआ।

बयान

"मेरा हश्र देखकर बॉलीवुड ने साधी चुप्पी, सब डरे हुए हैं"

स्वरा ने दावा किया है कि बॉलीवुड के कई लोग 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन से इसलिए दूर रहे, क्योंकि उन्हें अपनी राय रखने के बाद होने वाले परिणामों का डर है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं स्वरा ने कहा, फिल्म उद्योग के लोगों ने देखा है कि राजनीतिक राय रखने के बाद मेरे साथ क्या हुआ, इसलिए अन्य कलाकार भी वैसी ही प्रतिक्रिया या विरोध का सामना करने से बच रहे हैं।"

सवाल

अन्ना आंदोलन में साथ थे, अब क्यों हैं दूर?

द लल्लनटॉप द्वारा साझा की गई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं स्वरा से पूछा गया कि आखिर बॉलीवुड इस विरोध प्रदर्शन से इतना दूर क्यों रहा, खासकर तब जब 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को फिल्मी सितारों का खुलकर समर्थन मिला था। इस पर स्वरा ने जवाब दिया कि आज के समय में कई सितारे अपनी राय रखने या आवाज उठाने के बाद भुगतने वाले गंभीर परिणामों से डरते हैं।

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दो टूक

"मेरा हश्र देखकर लोग यहां आने से कतरा रहे हैं"

स्वरा ने फिल्म इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों की दूरी पर बात करते हुए कहा, "लोग मेरी हालत देखकर यहां आने से कतरा रहे हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि जरूरत से ज्यादा आवाज उठाने या बोलने पर जो हश्र मेरे साथ हुआ था, वही सब कल को उन सबके साथ भी हो सकता है। इसी डर और परिणाम भुगतने के खौफ की वजह से वे इस प्रदर्शन से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं।"

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निशाना

वर्तमान सरकार पर स्वरा का बड़ा हमला

स्वरा ने आज के राजनैतिक माहौल की तुलना अन्ना हजारे आंदोलन के दौर से करते हुए कहा, "2010-11 की बात कुछ और थी। तब सरकार अलग थी। हां, उन्होंने भी भ्रष्टाचार किया होगा, गलतियां की होंगी, लेकिन यह सरकार जिस हद तक चली जाती है... तब वैसा नहीं था। उस दौर में कार्यकर्ताओं और छात्रों को बिना किसी वजह या बिना जमानत के जेलों में इस तरह नहीं सड़ाया जाता था।"

ट्विटर पोस्ट

यहां देखिए वीडियो

भड़ास

"अहंकार और बेशर्मी में अंधी हो चुकी है सरकार"

साल 2021 में हिरासत के दौरान दम तोड़ने वाले आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का जिक्र करते हुए स्वरा ने आगे कहा, "ये एक ऐसी सरकार है, जिसके राज में 84 साल के बुजुर्ग फादर स्टेन स्वामी की जेल में ही मौत हो गई।"

वर्तमान सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए उन्होंने आगे कहा, "यह सरकार अपने अहंकार और अपनी बेशर्मी में पूरी तरह अंधी और नग्न हो चुकी है।"

सलाह

स्वरा ने दी सितारों पर ज्यादा भरोसा न करने की सलाह

स्वरा ने कहा कि लोगों को सितारों पर बहुत ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी सेलिब्रिटी के समर्थन से कोई मुद्दा बड़ा नहीं बनता, बल्कि मुद्दा अपनी अहमियत की वजह से खुद में महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लद्दाख के अधिकारों की इस लड़ाई को किसी सेलेब्रिटी के प्रचार की जरूरत नहीं और वह खुद भी इस आंदोलन में एक कलाकार के तौर पर नहीं, बल्कि एक सजग नागरिक और मां के रूप में शामिल होने आई हैं।

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