फिल्म 'यादव जी की लवस्टोरी' के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया
क्या है खबर?
मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडित' पहले ही अपने शीर्षक को लेकर विवादों में घिरी है। इस बीच, एक और आगामी फिल्म 'यादव जी की लवस्टोरी' पर जंग छिड़ी हुई है जिसे चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी फिल्म के शीर्षक को सिर्फ इस आशंका पर असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकते कि इससे किसी समुदाय की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
सुनवाई
"शीर्षक" यादव समुदाय को धूमिल नहीं करता
सुनवाई के दौरान, 'यादव जी की लवस्टोरी' पर दायर याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ ने कहा कि शीर्षक अपने आप में यादव समुदाय को धूमिल नहीं करता है। हमने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन किया है। हम समझने में असमर्थ हैं कि शीर्षक किस प्रकार समुदाय को खराब रोशनी में दर्शाता है। आशंकाएं पूरी तरह निराधार हैं। बता दें, शिकायतकर्ता द्वारा फिल्म का शीर्षक बदलने की मांग की गई थी।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
The Supreme Court has refused to entertain a petition challenging the title of the film 'Yadav Ji Ki Love Story'.
— IANS (@ians_india) February 25, 2026
A Bench of Justice B. V. Nagarathna and Justice Ujjal Bhuyan dismissed the plea, observing that a film title cannot be declared unconstitutional merely on… pic.twitter.com/iKtqXtrscW
फिल्म
'घूसखोर पंडित' नाम से अलग बताया मामला
कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश 'घूसखोर पंडित' मामले को इससे अलग बताया। पीठ ने कहा कि "घूसखोर" शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है जिससे एक समुदाय के साथ नकारात्मक अर्थ जोड़ा जा रहा था, जबकि इस मामले में यादव समुदाय के साथ ऐसा नहीं है। 27 फरवरी को रिलीज हो रही 'यादव जी की लवस्टोरी' में अभिनेत्री प्रगति तिवारी मुख्य किरदार में हैं। इसकी कहानी यादव समाज की एक लड़की और एक मुस्लिम युवक के बीच प्रेम-संबंध पर आधारित है।