विक्रम भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में मिली जमानत
क्या है खबर?
करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में फंसे मशहूर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। राजस्थान में दर्ज 30 करोड़ रुपये की ठगी के केस में अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। फिलहाल गिरफ्तारी का खतरा टल गया है, लेकिन पुलिस के सबूतों पर कानूनी तलवार अब भी लटकी हुई है।
गिरफ्तारी
गिरफ्तारी से मिली राहत
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में फंसे फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को सुप्रीम कोर्ट से अब पूरी राहत मिल गई है। एक फिल्म की डील और बायोपिक को लेकर हुए इस बड़े विवाद में कोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि, मामला अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन फिलहाल उनकी गिरफ्तारी का खतरा टल गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को अंतरिम जमानत दे दी थी।
आदेश
पलटा राजस्थान हाई कोर्ट का पुराना फैसला
पिछले हफ्ते पत्नी श्वेतांबरी को राहत देने के बाद अब कोर्ट ने विक्रम भट्ट की रिहाई का रास्ता भी साफ कर दिया है। CJI सूर्या कांत की अगुवाई वाली बेंच ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें उनकी जमानत खारिज की गई थी। कोर्ट ने दोनों को नियमित जमानत देते हुए ये भी उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष आपसी बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
राहत
जेल से बाहर आएंगे निर्देशक
विक्रम और उनकी पत्नी पहले से ही जेल में थे, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नियमित बेल दी है, जिससे अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। पक्की राहत कोई 'अंतरिम' या कुछ दिनों की अस्थायी राहत नहीं है। अब जब तक इस केस का ट्रायल (मुकदमा) चलेगा, तब तक वे जेल से बाहर रह सकेंगे। हालांकि, उन्हें ये आजादी कुछ शर्तों के साथ मिली है। निर्देशक को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
कारण
क्यों हुई थी विक्रम और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी?
ये मामला उदयपुर के व्यवसायी और 'इंदिरा IVF' के मालिक अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ। मुर्डिया का आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें अपनी दिवंगत पत्नी की बायोपिक बनाने के प्रोजेक्ट में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन निवेश के बाद मुनाफे का वादा पूरा नहीं हुआ। दिसंबर में भट्ट दंपत्ति को राजस्थान पुलिस ने मुंबई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।