सनी देओल की 'सूर्या' पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सेंसर बोर्ड और निर्माताओं से मांगा जवाब
क्या है खबर?
सनी देओल की आगामी फिल्म 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' अपने टीजर रिलीज के बाद से विवादों में है। अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है, जिस पर कार्यवाही करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार, भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म के टीजर की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की मांग भी की। फिलहाल, मामले की सुनवाई 16 नवंबर, 2026 के लिए तय की गई है।
आरोप
दिल्ली के 4 डॉक्टरों ने 'सूर्या' के खिलाफ किया कोर्ट का रुख
'सूर्या' के खिलाफ कोर्ट में यह याचिका दिल्ली के 4 डॉक्टरों, डॉ निशांत सोनी, डॉ आशीष तोमर, डॉ रवि भाटिया और डॉ शिवम वत्सल ने दायर की है।
आरोप है कि फिल्म में निजी अस्पतालों और डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाया है। इससे आमजन के मन में डॉक्टरों के प्रति नफरत बढ़ सकती है और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है।
वह चाहते हैं कि अधिकारी सिनेमैटोग्राफ एक्ट और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत फिल्म का रिव्यू करें।
मांग
प्रचार सामग्री में डिस्क्लेमर जोड़ने को कहा गया
याचिकाकर्ताओं की मांग है कि निर्माता 'सूर्या' की प्रचार सामग्री में एक डिस्क्लेमर जोड़ें, जिससे स्पष्ट हो जाए कि फिल्म की कहानी असली नहीं है।
द प्रिंट के मुताबिक, मामले में जस्टिस अमित महाजन ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड और फिल्म निर्माता एमएम मूवीज और जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड को नोटिस भेजा है।
एम पद्मकुमार द्वारा निर्देशित 'सूर्या' 2018 की मलयालम फिल्म 'जोसेफ' का हिंदी रीमेक है। यह 20 नवंबर को रिलीज होगी।