श्रीदेवी की चेन्नई संपत्ति परआया सुप्रीम कोर्ट का आदेश, बोनी कपूर और जाह्नवी-खुशी को नोटिस
क्या है खबर?
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की चेन्नई स्थित संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अदालत ने श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और बेटियों जाह्नवी कपूर व खुशी कपूर को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत और मध्यस्थता के जरिए मामला सुलझाने का सुझाव दिया। अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। तब तक संपत्ति के हस्तांतरण, निर्माण और कब्जे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सुनवाई
कोर्ट में अगली सुनवाई 18 दिसंबर को
ये याचिका एमसी शिवकामी और एमसी नटराजन ने दायर की है। दोनों ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर की याचिका के बाद उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। तब तक संपत्ति को लेकर यथास्थिति बनी रहेगी। इस दौरान संपत्ति के हस्तांतरण, निर्माण और कब्जे में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
विवाद
चेन्नई की करोड़ों की संपत्ति पर विवाद
चेन्नई के ECR इलाके में स्थित ये संपत्ति एमसी चंद्रशेखरन के परिवार से जुड़ी है। याचिकाकर्ताओं ने इस संपत्ति पर अपने अधिकार का दावा करते हुए अदालत का रुख किया था।
हालांकि, बोनी कपूर और उनकी बेटियों जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर ने उनके दावे का विरोध किया। उन्होंने अदालत से इस मुकदमे को खारिज करने की मांग की थी।
इसी संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।
आरोप
याचिकाकर्ताओं पर अहम जानकारी छिपाने का आरोप
ट्रायल कोर्ट ने शुरुआत में इस मामले को खारिज करने से मना करते हुए कहा था कि कपूर परिवार की दलीलों पर सुनवाई के दौरान ही फैसला होगा।
इसके खिलाफ बोनी कपूर और उनकी बेटियों ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट में कपूर परिवार ने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं ने संपत्ति से जुड़े पुराने दावों की अहम जानकारी अदालत से छिपाई थी।
अदालत अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
फैसला
हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मुख्य वारिस नहीं, इसलिए वे केस दायर नहीं कर सकते।
कोर्ट ने माना कि 1988 के बैनामा विलेखों पर 2023 में करीब 40 साल बाद सवाल उठाना बहुत देर से किया गया कदम है।
इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। अब सुप्रीम कोर्ट ये देख रहा है कि हाई कोर्ट का फैसला सही था या नहीं। याचिकाकर्ता अपना दावा वापस चाहते हैं, जबकि कपूर परिवार ने इसका विराेध किया है।