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सोनू निगम बोले- ऑटो-ट्यून मैं भी लगाता हूं, पर ये बेसुरों को गायक नहीं बना सकती
सोनू निगम भी करते हैं ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल

सोनू निगम बोले- ऑटो-ट्यून मैं भी लगाता हूं, पर ये बेसुरों को गायक नहीं बना सकती

Aug 14, 2026
10:59 am

क्या है खबर?

संगीत इंडस्ट्री में ऑटो-ट्यून के इस्तेमाल को लेकर बहस जारी है। पिच और आवाज सुधारने वाले इस टूल के प्रयोग की आलोचना होती रही है, क्योंकि इसने साधारण गायकों को भी सुरीला दिखाने का जरिया दे दिया है। अब भारत के दिग्गज गायकों में शुमार सोनू निगम भी इस बहस में कूद पड़े हैं। उन्होंने कबूल किया कि वो खुद भी कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं और आज की बदलती रिकॉर्डिंग प्रक्रिया में इससे बचना नामुमकिन है।

तकनीक

तकनीक ने बदल दी रिकॉर्डिंग की दुनिया- सोनू

ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में बात करते हुए सोनू ने बताया कि कैसे तकनीक ने रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। पिच करेक्शन के मुद्दे पर अपनी ईमानदार राय रखते हुए गायक ने कहा, "ऑटो-ट्यून के दौर ने कई बदलाव लाए हैं। लोग इसके बारे में भले ही बुरी बातें करते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि 'जो भी हुआ है अच्छा ही हुआ है।"

कारण

बताया क्यों जरूरी हो गया है ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल

सोनू ने पहले के दौर और आज के संगीत की तुलना करते हुए कहा, "पुराने दिनों में बिना ऑटो-ट्यून के गाना पड़ता था और हम किस्मतवाले हैं कि हमने इसके बिना रियाज किया है, इसलिए आज हमें इसकी जरूरत नहीं पड़ती। इसके बावजूद मैं कहूंगा कि मैं अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करता हूं। आज हर चीज '440 हर्ट्ज' के परफेक्ट डिजिटल स्केल पर आ चुकी है, जबकि पहले सब कुछ लाइव हुआ करता था।

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बदलाव

"पहले लाइव संगीतकारों से मिलाते थे सुर, अब सब बदल गया"

बातचीत में सोनू ने आगे कहा, "हमारे पास लाइव सारंगी और लाइव स्ट्रिंग्स होते थे, इसलिए हमारी पिच का एकदम सटीक होना जरूरी नहीं था। अब सब कुछ डिजिटलाइज्ड हो चुका है और एक सीधी रेखा में चलता है। ऐसे में अगर आपकी आवाज कच्ची या प्राकृतिक रहेगी तो वो अलग और बेसुरी लगेगी। पहले हम लाइव संगीतकारों के हिसाब से अपनी आवाज ढाल लेते थे, लेकिन आज का संगीत ऐसा है कि बिना ट्यूनिंग के आवाज एकदम अलग लगेगी।"

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चेतावनी

कलाकार शौक से गाएं, लेकिन असली गायकों की जगह नहीं ले सकते- सोनू

हालांकि, सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चेतावनी देते हुए कहा कि इससे बेसुरों को गायक नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने कहा, "ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम गा न सकने वालों की आवाज सुधारने में इसका इस्तेमाल न करें। आप अपना 99 प्रतिशत योगदान देते हैं और ऑटो-ट्यून उसे 100 प्रतिशत करती है। कलाकार शौक के लिए इसका इस्तेमाल करें तो कोई बुराई नहीं, लेकिन वे कभी भी असली गायकों की जगह नहीं ले सकते।"

फिल्म

'बंटवारा 1947' में गूंज रही सोनू निगम की आवाज

सोनू ने हाल ही में सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' के गाने 'तबस्सुम' को अपनी आवाज दी है। एआर रहमान के संगीत और जावेद अख्तर के बोलों से सजा ये गाना अली फजल, करण देओल, ईशा सांधिर और कनिष्का कपूर पर फिल्माया गया है।

फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इसके अलावा, सोनू आगामी 30 अगस्त को अपने 'रिवोल्यूशन टूर' के तहत लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में लाइव परफॉर्म करेंगे।

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