शेखर सुमन ने नए निर्देशकों को बताया 'नकलची', बोले- एक ही ढर्रे पर रेंग रहे सब
क्या है खबर?
दिग्गज अभिनेता शेखर सुमन ने आज के बॉलीवुड फिल्मकारों और उनकी सोच पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मौजूदा दौर के निर्देशक सिर्फ 'नकलची' बनकर रह गए हैं। आज के सिनेमा में रचनात्मकता की कमी पर चिंता जताते हुए शेखर ने राज कपूर, गुरु दत्त और बिमल रॉय जैसे महान निर्देशकों के दौर को याद किया और कहा कि अब हिंदी सिनेमा में वैसी ओरिजिनल और संजीदा सोच गायब हो चुकी है।
निशाना
"तकनीक में हम दुनिया में सबसे आगे, लेकिन मौलिकता में जीरो"
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में शेखर ने इंडस्ट्री में अपने 4 दशकों के लंबे अनुभव को साझा कर कहा, "तकनीकी रूप से आज हम दुनिया में किसी से भी कम नहीं हैं और बेहद मजबूत हो चुके हैं, लेकिन कहीं न कहीं हममें मौलिकता की भारी कमी है। आज के दौर में एक्टर्स अपनी एक तय इमेज में ही बंधकर रह गए हैं, जिससे वे एक ही ढर्रे पर चलने को मजबूर हैं।"
तंज
आर्थिक दबावों के चलते बॉलीवुड से गायब हुई मौलिकता- शेखर
शेखर बोले, "फिल्म निर्माता और निर्देशक भी आर्थिक दबावों के कारण जोखिम लेने से डर रहे हैं और सिर्फ बनी-बनाई 'हिट फॉर्मूला' फिल्मों को ही अपनाने की कोशिश में जुटे हैं।" नए जमाने के निर्देशकों को आड़े हाथों लेते हुए शेखर ने सीधे शब्दों में कहा, "आज के फिल्म निर्माता-निर्देशक हिट फॉर्मूले पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। वे सिर्फ नकलची हैं, उनके पास के आसिफ, बिमल रॉय, गुरु दत्त या राज कपूर जैसी मौलिक सोच नहीं है।
दो टूक
"फिल्मों को खूबसूरत बनाने से ज्यादा, सिर्फ सफल बनाने की होड़"
अभिनेता बोले, "पुराने दौर के दिग्गजों की फिल्में आज 60-70 साल बाद भी जिंदा हैं। मैं आज भी 'गंगा जमना' देखता हूं। 'मुगल-ए-आजम' आज भी मेरे रोंगटे खड़े कर देती है। 'कागज के फूल', 'प्यासा' या 'मेरा नाम जोकर' जैसी फिल्में आज भी कालजयी मानी जाती हैं, क्योंकि वो पूरी तरह से ओरिजिनल थीं। आज बदलाव ये है कि फिल्मों को रचनात्मक रूप से सुंदर बनाने के बजाय उन्हें केवल सफल बनाने पर बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है।"
टॉक शो
अपने नए टॉक शो को लेकर चर्चा में अभिनेता
शेखर ने आगे कहा, "ये एक अच्छा संकेत नहीं है। हमें अपनी मौलिकता पर वापस लौटना होगा और अपनी ताकतों व अपने मूल स्वभाव पर टिके रहना होगा। ये बहुत महत्वपूर्ण है।" शेखर सुमन इन दिनों अपने नए टॉक शो 'शेखर टुनाइट' को होस्ट कर रहे हैं, जिसकी स्ट्रीमिंग पिछले हफ्ते ही शुरू हुई है। ये शो हर हफ्ते एक नए मेहमान के साथ यूट्यूब पर स्ट्रीम किया जाता है।
करियर
शेखर सुमन के सफरनामा पर एक नजर
महज 21 की उम्र में फिल्म 'उत्सव' से बॉलीवुड में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले शेखर ने एक लंबा और उतार-चढ़ाव भरा सफर तय किया है। अपनी पहली ही फिल्म में रेखा जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ काम करने से लेकर 90 के दशक के सबसे लोकप्रिय सिटकॉम (कॉमेडी शो) का हिस्सा बनने और एक बेहतरीन टॉक शो होस्ट के रूप में पहचान बनाने तक उन्होंने इंडस्ट्री में अमिट छाप छोड़ी है।