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असम बाढ़ पीड़ितों के मसीहा बने सलमान खान, बेघर हुए 500 परिवारों को बनाकर देंगे घर
सलमान खान ने शुरू किया असम बाढ़ राहत कार्य का दूसरा चरण

असम बाढ़ पीड़ितों के मसीहा बने सलमान खान, बेघर हुए 500 परिवारों को बनाकर देंगे घर

Aug 06, 2026
01:03 pm

क्या है खबर?

असम में आई भीषण बाढ़ से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और प्रभावितों की मदद के लिए लगातार राहत सामग्री भेजी जा रही है। इस मुश्किल वक्त में सलमान खान का 'बीइंग ह्यूमन' फाउंडेशन भी खुलकर सामने आया है। खाना बांटने के बाद पिछले 6 दशकों की सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहे असम के पीड़ितों के लिए सलमान और उनकी टीम ने अब राहत कार्य का दूसरा चरण शुरू कर दिया है।

राहत कार्य

'नेपाली खूंटी' में बनाए 220 घर

मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान की टीम ने सबसे ज्यादा प्रभावित गांव 'नेपाली खूंटी' में करीब 220 अस्थायीs घर बनाकर तैयार कर दिए हैं।

वैसे तो पुनर्वास सलमान के 3 चरणों वाले राहत अभियान का अहम हिस्सा था, लेकिन अभिनेता रणदीप हुड्डा को जमीन पर उतरकर राहत कार्य करते देख उन्होंने इसे और तेज कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में एक साझा दोस्त के जरिए सलमान ने रणदीप से संपर्क भी साधा।

सहयोग

रणदीप हुड्डा की पहल पर आगे आए सलमान

सूत्र के मुताबिक, रणदीप हुड्डा ने सलमान को बताया कि 'ग्लोबल सिख्स' के तहत 70 लोग राहत कार्य में जुटे हैं और उन्होंने वर्तमान जरूरतों की जानकारी भी साझा की।

संस्था के संस्थापक अमरप्रीत सिंह ने बताया कि वे 35,000 से 40,000 रुपये की लागत में बांस और टिन शेड से बने बाढ़-सुरक्षित घर बना रहे हैं। ये सुनते ही सलमान ने तुरंत हाथ मिला लिया और 500 घर बनाने का संकल्प लिया।

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बयान

सलमान ने दिया मदद का आश्वासन

जमीनी स्तर पर चल रहे राहत कार्य के बारे में मिड-डे से बात करते हुए अमरप्रीत सिंह ने बताया, "सलमान ने कुछ दिनों पहले हमसे बात की और कहा कि आप लोग फिक्र मत करो। इस समय शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसका मुख्य केंद्र 'नेपाली खूंटी' है। निर्माण के पहले चरण में 220 घर बनकर तैयार हो चुके हैं और हम इन्हें परिवारों को सौंप रहे हैं। हम एक दिन में 8 से 10 घर तैयार कर सकते हैं।"

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अपील

क्या बोले रणदीप हुड्डा?

रणदीप हुड्डा ने कहा, "ये शिवसागर रेलवे स्टेशन है, जहां आसपास से कई पीड़ित परिवार आए हैं। हम पिछले 7 दिनों से रोजाना खाना बनाकर उन तक पहुंचा रहे हैं। इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं कई सालों से 'ग्लोबल सिख्स' के साथ काम कर रहा हूं। इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वो अपनी क्षमता अनुसार पीड़ितों की मदद करें।"

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