रवीना टंडन छात्रों के प्रदर्शन पर बिफरीं- कुछ सिर्फ रील बनाने और मुद्दा भटकाने आए थे
क्या है खबर?
आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, सोनाक्षी सिन्हा और अन्य द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों की जीत का जश्न मनाने के बाद अभिनेत्री रवीना टंडन ने भी सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में छात्रों के इस आंदोलन को हुड़दंगियों, राजनीतिक दलों और ऐसे लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया था, जो वहां सिर्फ रील बनाने या लोगों का ध्यान खींचने आए थे।
बयान
पर्यावरण और जंगलों के संरक्षण पर रवीना ने कही ये बात
अभिनेत्री ने खुशी जताते हुए लिखा कि आखिरकार लोगों की आवाजें सुनी जा रही हैं और बदलाव की उम्मीद जागी है।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'पहले पर्यावरण, वन्यजीवों और जंगलों को बचाने के लिए होने वाले आंदोलन अक्सर बेनतीजा रह जाते थे, लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं। आगामी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमें ये समझना होगा कि हमारे पास रहने के लिए सिर्फ यही एक ग्रह है। बस यही है और इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है।'
निशाना
मिजोरम की तारीफ के साथ रवीना ने हुड़दंगियों पर साधा निशाना
रवीना ने मिजोरम और अन्य राज्यों में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक बेहतरीन मिसाल कायम की है।
हालांकि, उन्होंने चिंता जाहिर कर लिखा, 'दुर्भाग्य से कुछ राज्यों में छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को हुड़दंगियों और राजनीतिक दलों ने हाईजैक कर लिया। कुछ लोग तो वहां सिर्फ रील बनाने और लोगों का ध्यान खींचने का मौका तलाशने आए थे।'
उन्होंने माना कि ऐसे तत्वों के कारण छात्रों का असल मुद्दा पीछे छूट जाता है।
जीत
उपद्रवियों के बावजूद छात्रों की जीत पर बोलीं रवीना
रवीना ने लिखा, 'हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना निश्चित रूप से उपद्रवी तत्वों का काम था। ये गैर-छात्र इस विरोध प्रदर्शन को पटरी से उतार सकते थे। आखिरकार विरोध प्रदर्शनों ने अपनी सही मांगों को हासिल किया और उम्मीद जताई कि इनसे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएंगे, भ्रष्टाचार कम होगा और शिक्षा हर किसी के लिए अधिक सुलभ बनेगी।
अपनी बात खत्म करने से पहले रवीना ने जोड़ा, 'जब पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया।'
प्रतिक्रिया
ट्रोलिंग के डर से रवीना टंडन ने बंद किए कमेंट्स
रवीना के पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। किसी ने उनका समर्थन किया तो किसी ने आलोचना की, जिसके कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने कमेंट सेक्शन बंद कर दिया।
उन्होंने एक रिपोर्ट भी री-पोस्ट की, जिसमें दावा किया गया था कि कोलकाता छात्र विरोध हिंसा में गिरफ्तार 11 लोगों में से कोई भी छात्र नहीं था। इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए रवीना ने लिखा था, 'युवाओं की ताकत और क्रांति।'