
रानी मुखर्जी की 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' की रिलीज डेट जारी, जानिए कैसी होगी कहानी
क्या है खबर?
रानी मुखर्जी आजकल फिल्म 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पिछली फिल्में दर्शकों की कसौटी पर खरी उतरी हैं।
यही वजह है कि उनकी आने वाली हर फिल्म पर प्रशंसकों की नजर है। जब से 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' की घोषणा हुई है, इसे लेकर दर्शक बेहद उतावले हो रहे हैं। अब इस फिल्म की रिलीज डेट भी सामने आ गई है।
आइए आपको बताते हैं पर्दे पर कब आएगी फिल्म और कैसी होगी इसकी कहानी।
ऐलान
अगले साल 3 मार्च को रिलीज होगी फिल्म
फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने ट्विटर पर रिलीज की जानकारी दी है। उन्होंने फिल्म से रानी की झलक दिखाते हुए ट्वीट किया, 'रानी मुखर्जी अभिनीत 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' की रिलीज डेट फाइनल हो गई है। यह 3 मार्च, 2023 को सिनेमाघरों में आएगी।'
फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा से रानी के प्रशंसक सोशल मीडिया पर उत्साह जाहिर कर रहे हैं। जी स्टूडियो के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन आशिमा छिब्बर ने किया है।
ट्विटर पोस्ट
तरण आदर्श का पोस्ट
RANI MUKERJI: 'MRS CHATTERJEE VS NORWAY' RELEASE DATE CONFIRMED... Inspired by the true story of a mother who shook an entire nation with her courage and willpower to win back her children… #MrsChatterjeeVsNorway - starring #RaniMukerji - to release in *cinemas* on 3 March 2023. pic.twitter.com/PXU5SrBxv2
— taran adarsh (@taran_adarsh) December 9, 2022
कहानी
सच्ची घटना पर आधारित है कहानी
फिल्म नॉर्वे में रह रहे भारतीय मूल के एक दंपत्ति अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य के मामले पर आधारित होगी, जिनके तीन और एक साल के बच्चों को उनसे अलग कर दिया गया था।
फिल्म की कहानी सागरिका की नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज से अपने बच्चों को वापस लाने के उनके संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है।
दरअसल, अनुरूप और सागरिका बच्चों को हाथ से खाना खिलाते थे और अपने साथ बिस्तर पर सुलाते थे। नॉर्वे के कानून में इसकी मनाही है।
संघर्ष
फिल्म में दिखेगा बच्चों के लिए मां का संघर्ष
मई, 2011 में सामने आए इस मामले में भारत ने शिकायत की थी कि नॉर्वे बच्चों को जातीय, धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक माहौल पाने से नहीं रोक सकता है।
हालांकि, जब भारत का बच्चों की हिरासत के मामले में हस्तेक्षप कम हो गया तो सागरिका ने अकेले ही अपने बच्चों की कस्टडी वापस लेने की लड़ाई लड़ी और सफल रहीं।
नार्वे के नियमों के खिलाफ एक मां की इसी लड़ाई और संघर्ष को 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नार्वे' में दिखाया जाएगा।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
नॉर्वे में बच्चों और उनके अधिकारों के प्रति स्पष्ट कानून हैं। नॉर्वे का 'चाइल्ड वेल्फेयर एक्ट' वहां रह रहे हर बच्चे और बड़े पर लागू होता है, चाहे उसका धर्म और नागरिकता कोई भी हो। हर नगर पालिका में बाल कल्याण सेवा बनाई गई है।
करियर
रानी के सफरनामा पर एक नजर
रानी ने 'राजा की आएगी बारात' से बॉलीवुड में पदार्पण किया था।
इसके बाद 'गुलाम', 'कुछ कुछ होता है', 'हेलो ब्रदर', 'बिछू', 'चोरी चोरी चुपके चुपके' और 'नायक' जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।
'ब्लैक', 'वीर-जारा', 'नो वन किल्ड जेसिका', 'मर्दानी' और 'हिचकी' में भी उनकी तारीफ हुई।
रानी की पिछली फिल्म 'बंटी और बबली 2' थी। यह 'बंटी और बबली' का सीक्वल था। इसमें भी रानी का पुराना स्वैग और नया कलेवर दर्शकों को रास आया।