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'बाहुबली' ने राणा दग्गुबाती को पहुंचाई थी गहरी चोट, सालों बाद किया ये खुलासा
'बाहुबली' से राणा को लगी गहरी चोट?

'बाहुबली' ने राणा दग्गुबाती को पहुंचाई थी गहरी चोट, सालों बाद किया ये खुलासा

Apr 03, 2026
11:47 am

क्या है खबर?

एसएस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली' ने भारतीय सिनेमा के स्तर को पूरी तरह बदल दिया था। फिल्म की कहानी, शानदार एक्शन और विजुअल इफेक्ट्स ने दुनियाभर के दर्शकों का ध्यान खींचा। भले ही इसने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित गाथाओं में से एक बन गई, लेकिन अभिनेता राणा दग्गुबाती ने हाल ही में खुलासा किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

खुलासा

'बाहुबली' के हर सीन ने तोड़ा राणा का दम

पिंकविला ने राणा से 'बाहुबली' के उस खास सीन के बारे में पूछा, जिसने उन पर सबसे ज्यादा शारीरिक और मानसिक दबाव डाला था। जवाब में अभिनेता बोले कि किसी एक पल को चुनना मुश्किल है। हमने लगभग 6 साल से भी ज्यादा समय तक शूटिंग की थी। ज्यादातर सीन चुनौतीपूर्ण थे, क्योंकि उस समय हम खुद यह सीख रहे थे कि ऐसी फिल्म कैसे बनाई जाती है। फिल्म बनाने की प्रक्रिया ही बहुत चुनौतीपूर्ण और थका देने वाली थी।

थकान

"इतने लंबे समय तक मानसिक रूप से टिकना मुश्किल था"

बातचीत में राणा ने आगे कहा, "ऐसा भी नहीं था कि हमारे पास (उस समय) कार एक्शन कोरियोग्राफर थे या विजुअल इफेक्ट्स उस स्तर के थे। ये हर किसी की सीमाओं को चुनौती दे रहा था। इसके लिए राजामौली जैसे मास्टर और एक ऐसी टीम की जरूरत थी, जो उस विजन (परिकल्पना) के लिए एक साथ आई। आमतौर पर किसी फिल्म में हम इतने लंबे समय तक मानसिक रूप से टिक नहीं पाते हैं।"

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समर्पण

7 साल का समर्पण, 'बाहुबली' बनी एक ऐतिहासिक उपलब्धि

राणा ने बताया कि पूरी टीम का 6 से 7 साल तक फिल्म के प्रति समर्पित रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में इतना लंबा समय इसलिए लगा, क्योंकि पूरी टीम कुछ ऐसा करने की कोशिश में थी जो सचमुच महत्वाकांक्षी था और भारतीय सिनेमा में पहले नहीं देखा गया था। उनके अनुसार, उन दृश्यों को पर्दे पर जीवंत करने में एक अनोखा रोमांच था, जिन्हें पहले उस पैमाने पर नहीं दिखाया गया था।

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हैरानी

जब विदेशी अधिकारी ने पहचाना 'भल्लालदेव', राणा रह गए हैरान

राणा ने बताया कि 'भल्लालदेव' के किरदार के लिए किए गए शारीरिक बदलाव के कारण उन्हें डर था कि लोग उन्हें पहचान पाएंगे या नहीं, लेकिन फिल्म के वर्षों बाद भी एक विदेशी इमिग्रेशन अधिकारी द्वारा उन्हें 'राजा भल्लालदेव' के रूप में पहचाने जाने पर उन्हें एहसास हुआ कि सिनेमा का प्रभाव हमेशा के लिए होता है। ये समय के साथ और भी गहरा होता जाता है। बता दें कि 2015 में शुरू हुई 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी के हीरो प्रभास थे।

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