
जन्मदिन विशेष: पैसे मांगे तो निर्माता ने निकाला बाहर, वो घटना जिसने रजनीकांत को बनाया सुपरस्टार
क्या है खबर?
अगर कुछ करने का जुनून हो तो एक आम आदमी भी खास बन सकता है, रजनीकांत इसकी जीता-जागती मिसाल हैं।
बतौर बस कंडक्टर अपना करियर शुरू करने वाले रजनीकांत कैसे साउथ के महानायक बने, इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष है।
आज आज यानी 12 दिसंबर को रजनीकांत अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। आइए इस मौके पर आपको उनके जीवन में हुई उस घटना के बारे में बताते हैं, जिसने उन्हें सुपरस्टार बनने पर मजबूर कर दिया।
जानकारी
ऐसे हुई सफर की शुरुआत
जब रजनीकांत सिर्फ चार साल के थे, तभी उनकी माता का निधन हो गया था। उन्होंने कुली और बढ़ई का काम भी किया। फिर बस कंडक्टर की नौकरी करने के साथ रजनीकांत ने थिएटर में काम किया और इसके बाद फिल्मी दुनिया में एंट्री ली।
घटना
रजनीकांत के साथ हुई वो घटना
रजनीकांत के साथ हुई इस घटना को उन्होंने खुद बताया था।
इंडिया टुडे के मुताबिक, उन्होंने कहा था, "बात 1970 की है, जब मैं मशहूर नहीं था। '16 वायथिनिले' की रिलीज के दो हफ्ते बाद एक निर्माता ने मुझसे कैरेक्टर रोल करने के लिए संपर्क किया। किरदार अच्छा लगा, इसलिए मैंने हां कह दी।"
उन्होंने कहा, "मैंने 10,000 रुपये मांगे, लेकिन वह 6,000 रुपये देने पर राजी हुआ। उस वक्त 100 या 200 रुपये एडवांस में देने का रिवाज था।"
कमिटमेंट
निर्माता ने किया झूठा वादा
रजनीकांत बोले, "निर्माता ने कहा कि वह मुझे 1,000 रुपये एडवांस देगा। अभी उसके पास पैसे नहीं हैं। अगले दिन तब एडवांस मिल जाएगा, जब उसका प्रोडक्शन मैनेजर एग्रीमेंट की औपचारिकता पूरी करने आएगा।"
उन्होंने कहा, "जब मैनेजर आया तो वह अनजान था कि उसे मुझे भुगतान करना है। फिर अगले दिन शूट लोकेशन पर मेकअप से पहले एडवांस देने की बात हुई, लेकिन फिर भी मेरा पैसा नहीं मिला। मैंने बिना एडवांस के मेकअप कराने से इनकार कर दिया।"
बेइज्जत
निर्माता ने यह कहकर किया जलील
रजनीकांत ने बताया कि कुछ देर बार एक एम्बेसडर कार AVM स्टूडियो (जहां फिल्म की शूटिंग चल रही थी) के बाहर आकर रुकी और निर्माता उससे बाहर आया। वह चिढ़ा हुआ था।
रजनीकांत के अनुसार, निर्माता ने उनसे कहा, "क्या तुम अपने आपको हीरो समझते हो? तुम हो क्या, जो बिना एडवांस के काम नहीं करोगे। तुमने कुछेक फिल्में क्या कर लीं, इसलिए तुम मेकअप बिना एडवांस लिए नहीं कराओगे? तुम्हारे लिए फिल्म में कोई रोल नहीं है। बाहर निकलो।"
वापसी
निर्माता की ना के बाद पैदल घर लौटे
रजनीकांत ने निर्माता से उन्हें कार में घर छोड़ने के लिए पूछा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। रजनीकांत के पास उस वक्त पैसे नहीं थे और फिर वह पैदल घर लौटे।
रजनीकांत के मुताबिक, जब वह AVM स्टूडियो से बाहर निकले तो बसों में और सड़कों पर लोग उन्हें देखते ही चिल्लाने लगे, 'ए परताई। इत्थु एप्दी इरुक्कू।'
यह '16 वयाथिनिले' में उनका डायलॉग था। इसका मतलब था 'ऐसा कैसे?' रजनीकांत को लगा कि लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
जुनून
जो ठाना, वो कर दिखाया
बकौल रजनीकांत, "उस दिन मैंने तय कर लिया कि एक दिन अगर AVM स्टूडियो की इस सड़क पर अपनी विदेशी कार में बैठकर न गुजरा तो मेरा नाम रजनीकांत नहीं।"
करीब ढाई साल बाद रजनीकांत ने AVM स्टूडियो के मालिक की इटेलियन मेड फिएट कार खरीदी, जिसके लिए उन्होंने 4.25 लाख रुपये चुकाए।
कार चलाने के लिए एक विदेशी ड्राइवर हायर किया और AVM स्टूडियो जाकर वहीं अपनी कार खड़ी कराई, जहां उस निर्माता की कार खड़ी होती थी।